क्षेत्र में सक्रिय चोर गिरोह विद्युत लाइनों को निशाना बना रहा है। चोरों ने चलती हुई लाइन में फाल्ट किया और करीब दो किलोमीटर लंबा तार काटकर ले गए। बिजली तार गायब होने से हजारों उपभोक्ताओं को आठ घंटे कटौती झेलनी पड़ी। जेई ने अज्ञात चोरों के खिलाफ चोरी की तहरीर आईटीआई थाने में दी है।
बृहस्पतिवार आधी रात शिवलालपुर डल्लू, कुआंखेड़ा, पशुपति विहार आंशिक, सीतारामपुर गांव में अचानक बिजली गुल हो गई। शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने इसकी सूचना विद्युत विभाग को दी। विद्युतकर्मियों ने फाल्ट तलाशा तो ग्राम कुआंखेड़ा स्थित विजन वैली स्कूल के पास से आठ पोलों से करीब 2 किलोमीटर लंबी बिजली की लाइन गायब मिली। यह लाइन 11 हजार केवी की है। सुनसान जगह का फायदा उठाकर चोरों ने लाइन में फाल्ट किया और लाइन काटकर चलते बने।
बिजली कर्मियों ने दूसरी जगह से लाइन जोड़कर आपूर्ति को आठ घंटे बाद बहाल कराया। तार चोरी होने से विभाग को करीब पौने दो लाख रुपए की चपत लगी है। जेई राजेश बिष्ट ने स्टाफ के साथ घटना वाली जगह का मुआयना किया। उन्होंने बताया कि आए दिन विद्युत लाइनों को चोरी किया जा रहा है। चलती लाइन में फाल्ट कर तार चोरी किए गए हैं। चोर तार चोरी कर काशीपुर, मुरादाबाद, रामपुर में ले जाकर बेचते है। चोरी की घटना की तहरीर आईटीआई थाने में दी गई है।
चार महीनों में लगी सात लाख की चपत
विद्युुत विभाग को चार महीने में तार चोरी की घटनाओं से करीब सात लाख रुपए की चपत लगी है। बीते 27 जुलाई को ग्राम सीतारामपुर से बिजली घर तक करीब डेढ़ किलोमीटर की बंद पड़ी लाइन का तार चोरी कर लिया गया था। एक कालोनी में लगे करीब 100 पोलों की बिजली की लाइन भी चुरा ली गई थी। कुंडेश्वरी में करीब 500 मीटर चलती बिजली की लाइन में फाल्ट कर चोर तार चुराकर ले गए थे। एआरटीओ कार्यालय से मल्टीवाल फैक्ट्री तक बंद पड़ी करीब एक हजार मीटर की लाइन को चोरी कर लिया गया था। सरबरखेड़ा, करनपुर गांव में बंद लाइन को काटा गया था। जेई राजेश बिष्ट ने बताया कि चार महीनों में हुई पांच घटनाओं में करीब सात लाख का नुकसान हो चुका है। लेकिन अभी तक एक भी घटना का पुलिस खुलासा नहीं कर सकी है।