इंद्रा बंगाली कालोनी निवासी मासूम अंकित शायद अपहरण के बाद जिंदा बच जाता अगर सुनील के यहां काम करने वाला टिंकू पुलिस की दहशत में नहीं आता।
पहचाने जाने के डर से चारों अपहरणकर्ताओं ने जब अंकित को मारने की योजना बनाई तो कृष्णा और भूपराम का दिल मासूम को देखकर पसीज गया। उन्होंने अंकित को वापस गाड़ी में बैठाकर उसके मोहल्ले के बाहर छोड़ आने की बात कही। लेकिन टिंकू के मन में खुद के फंसने का डर था इसलिए उसने मना कर दिया। इसके बाद जब टिंकू और रामौतार अंकित को मारने के लिए भांखड़ा नहर के पास ले गए तब रामौतार ने भी अंकित को जान से मारने की बजाय चुपचाप बाजार में कहीं छोड़ देने की बात कही।
पुलिस की दहशत से घबराए टिंकू ने खुद के फंसने पर सबके फंसने की बात कहकर रामौतार से अंकित के हाथ पकड़ने को कहा और खुद बेरहमी से उसका गला दबा दिया। इसके बाद दोनों ने अंकित की मौत का कारण पानी में डूबना साबित करने के लिए उसका सिर नहर के पानी में डुबाया और फिर उसे छोड़ कर चले गए।
इंद्रा कालोनी के बच्चों ने जुलूस निकाला
रुद्रपुर। मासूम अंकित की मौत से दुखी इंद्रा बंगाली कालोनी के बच्चों ने शुक्रवार को उसके घर से काशीपुर बाईपास रोड स्थित बालाजी द्वार तक जुलूस निकाला और हत्यारों को फांसी देने की मांग की। इस दौरान काफी देर तक सड़क पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। फिलहाल पुलिस ने चारों आरोपियों को बृहस्पतिवार के दिन कोर्ट में पेश करने के बाद जेल के लिए रवाना कर दिया है।