कोसी नदी देवघाट में जेसीबी से हो रहे अवैध खनन को रोकने पहुंची पीएसी पर खनन माफियाओं ने हमला कर दिया। वे पथराव और फायरिंग कर चार जेसीबी, 15-20 खनन से भरे वाहनों को छुड़ा ले गए। माफिया खनन से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली, एक बाइक छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने वाहनों को कब्जे में लेकर एक युवक को दबोच लिया। पुलिस ने छह नामजद सहित 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
शनिवार को देर रात डेढ़ बजे कोसी नदी देवघाट पर जेसीबी से अवैध खनन का कारोबार हो रहा था। पीएसी की टीम ने खनन कारोबारियों को घेर लिया। इस दौरान खनन माफिया गाली गलौच और हाथापाई पर उतारू हो गए। देखते ही देखते खनन माफियाओं का जमावाड़ा लग गया। खनन माफिया पीएसी टीम पर पथराव और फायरिंग कर जेसीबी, खनन से भरे वाहनों को छुड़ाकर ले गये।
खबर मिलते ही सीओ मिथलेश कुमार सिंह, एसएसआई अरुण कुमार, केलाखेड़ा थाना प्रभारी सलाहउद्दीन मय फोर्स के मौके पर पहुंचे। पुलिस ने चारों तरफ से घेराबंदी कर पीछा करने की कोशिश की। लेकिन माफिया अवैध खनन से भरी एक ट्रैक्टर ट्राली, एक बाइक छोड़कर फरार हो गए। इस दौरान पुलिस ने सलामत निवासी गोबरा को गिरफ्तार कर लिया।
एसएसआई के अनुसार पीएसी के हवलदार पूरन सिंह कार्की की तहरीर पर प्रधानपति तरसेम सिंह, छब्बा, पेप्सी उर्फ गुरविंदर सिंह, गोल्डी, अजमेर सिंह, सलामत और 5 अन्य के खिलाफ 26 फॉरेस्ट एक्ट, 3/57, 147, 148, 149, 332, 353, 379, 511, 307 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपियों के घरों पर दबिश दी गई है। सभी आरोपी फरार हैं।
3 महीने में 4 बार हो चुकी है फायरिंग
कोसी नदी खनन क्षेत्र में तीन महीने के भीतर चार बार फायरिंग हो चुकी है। लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से खनन कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं। हालांकि पुलिस रिकार्ड में एक मामला ही दर्ज है। बताते हैं कि अवैध खनन को लेकर माफियाओं के बीच खूनी संघर्ष आए दिन होता रहता है। घायलों का इलाज भी राज्य सीमा से सटे यूपी क्षेत्र के शहरों में कराया जाता है।
अप्रैल में बैंतखेड़ी घाट, मई में दाबका क्षेत्र और पिछले सप्ताह कोसी कांटा क्षेत्र में फायरिंग हुई थी। 18 जून को रात देवघाट में पीएसी टीम पर फायरिंग सहित चार घटनाएं हो चुकी हैं। ढाई साल पहले भी कोसी में पुलिस टीम पर पथराव और फायरिंग हुई थी। उस वक्त करीब 40 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया था। लेकिन उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
कोसी से नहीं हटी खनन मजदूरों की झोपड़ियां
कार्यवाहक जिलाधिकारी डा. आशीष श्रीवास्तव ने मानसून के मद्देनजर 15 जून से खनन बंद करने के निर्देश दिए थे। लेकिन कोसी नदी बैंतखेड़ी घाट से लेकर रामजीवनपुर तक खनन क्षेत्र में चुगान करने वाले मजदूरों की झोपड़ियों को अभी तक नहीं हटाया गया है। इससे साफ जाहिर है कि कोसी नदी क्षेत्र में अवैध खनन हो रहा है।
प्रशासन ने जेसीबी से खनन घाटों के रास्तों को किया बंद
कोसी नदी में पीएसी पर फायरिंग की घटना होने से प्रशासन हरकत में आ गया। रविवार को उपजिलाधिकारी पूरन सिंह राणा के निर्देश पर तहसीलदार सुदेश चंद, नायब तहसीलदार प्रताप राम आर्य ने राजस्व टीम के साथ जेसीबी से कोसी नदी के प्रधानघाट, शीशम घाट, निगम घाट, पलविंदर घाट पर जाने वाले मार्गों को खोदकर गहरे-गहरे गड्ढे बनाकर रास्ता बंद कर दिया। टीम में पटवारी नरेंद्र कुमार, नंद प्रकाश आदि थे। बताते हैं कि जेसीबी खराब होने से अन्य घाटों के रास्ते बंद नहीं हो सके।