उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के ऋण धांधली मामले में तीन किसानों को सीबीआई कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। खबर मिलते ही अन्य किसानों में खलबली मची है। बता दें कि सीबीआई की ओर से तत्कालीन शाखा प्रबंधक, केजीएन ट्रेडर्स के प्रोपराइटर समेत 21 किसानों को समन जारी कर 30 जनवरी को पेश होने को कहा था। सीबीआई की ओर से अब 12 फरवरी को किसानों को पेश होने को कहा है।
आरोप है कि वर्ष 2014 में उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की ओर से निवासी गांव बैंतखेड़ी, लच्छू सिंह, विनोद सिंह, शेर सिंह, दीदार सिंह, मंगल सिंह, श्यमा सिंह, गांव कनौरी निवासी अब्दुल रसीद, गांव लंकुरा निवासी सरदूल सिंह, गांव चंदनपुरा निवासी अमरीक सिंह, गांव मडैया हट्टू निवासी अंग्रेज सिंह, जंगीर सिंह, दर्शन सिंह, गांव कल्याणपुरी निवासी अजीत सिंह, गांव इटव्वा निवासी दर्शन सिंह, फौजा सिंह, गांव गजरौला निवासी देवेंद्र सिंह, गांव रम्पुराकाजी निवासी मंगल सिंह, सूच्चा सिंह, इरशाद सहित 19 किसानों ने करीब तीन करोड़ का ऋण लिया।
ऋण दोराहा स्थित ट्रैक्टर विक्रेता केजीएन ट्रेडर्स के माध्यम से दिया गया था। किसानों का आरोप था कि उन्होंने ऋण लिया ही नहीं है। मामला संज्ञान में आने पर 31 मार्च 17 को बैंक के महाप्रबंधक पूरन चंद की ओर से तत्कालीन शाखा प्रबंधक रामअवतार दिनकर, दोराहा स्थित केजीएन ट्रेडर्स के प्रोपराइटर फुरकान को नामजद और अन्य के खिलाफ धारा 120बी, 420, 468, 471 आईपीसी, भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। 30 जनवरी को देहरादून स्थित सीबीआई कोर्ट में लच्छू सिंह, विनोद और शेर सिंह पेश हुए। पूछताछ के बाद उन्हे न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।
जेल जाने की भनक लगते ही दर्जन भर किसान नहीं हुए पेश
उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के ऋण धांधली मामले में सीबीआई कोर्ट में पेश हुए तीन किसानों के जेल भेजने की भनक लगते ही दर्जन भर किसान कोर्ट में पेश नहीं हुए। बुधवार को बाजपुर लौटे दर्जन भर किसान भूमिगत हो गए। बताते हैं कि वर्ष 2014 में करीब 36 किसानों के ऋण हुए हैं। उनके ऋण मामले संदिग्ध बताए जा रहे हैं। अन्य किसान भी जांच के दायरे में हैं।
केजीएन ट्रेडर्स के प्रोपराइटर को जमानती वारंट जारी
ऋण मामले में आधा दर्जन किसानों की पैरवी कर रहे हाइकोर्ट के अधिवक्ता एहरार बेग ने बताया कि सीबीआई कोर्ट की ओर से केजीएन ट्रेडर्स के प्रोपराइटर फुरकान और तत्कालीन शाखा प्रबंधक रामअवतार दिनकर को जमानती वारंट जारी किया है। शेष किसानों को 12 फरवरी को पेश होने को कहा है। अधिवक्ता ने बताया कि करीब 28 किसानों पर तीन करोड़ 36 लाख छह हजार रुपये का ऋण है। किसानों का आरोप है कि बैंक से सांठगांठ कर केजीएन ट्रेडर्स के फुरकान ने किसानों के नाम पर ऋण दिलाया गया।
106 बकाएदारों पर आरसी भेजने की तैयारी
उत्तराखंड ग्रामीण बैंक शाखा प्रबंधक योगेंद्र पाल ने बताया कि जून 17 से दिंसबर तक करीब 6 करोड़ एनपीए जमा हो चुका है। ऋण जमा नहीं करने वाले 106 बकायादों को आरसी भेजने की तैयारी अंतिम चरण में है। इन बकायादारों पर करीब 4 करोड़ का बकाया है।