अदालत के आदेश पर पुलिस ने 12 लोगों के साथ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है। ग्राम भरतपुर निवासी सतनाम सिंह ने कहा कि टांडा उज्जैन निवासी जगतवीर सिंह कौशांबी कालोनी काशीपुर निवासी सुरेंद्र सिंह 20 सितंबर 2014 को उसके घर आए मौजा मंशा पट्टी जसपुर में एक आराजी का सौदा कराने को कहा।
दस्तावेज दिखाकर कहा कि वह यह आराजी सस्ते में दिला देंगे। 30 सितंबर 2014 को जब वह इनके साथ आराजी मौजा मंशा पट्टी खसरा नंबर 100 ख रकबा 0.563 खसरा नंबर 96 रकबा 0.024 हेक्टेयर, खसरा नंबर 101 रकबा 0.121 हेक्टेयर देखने पहुंचा तो मोहल्ला नत्था सिंह निवासी फकीर चंद्र, छोटे लाल, शिवचरन, सुरेश, नंदकिशोर, रामगोपाल, नन्हे, अशोक, आनंद, मुकेश, मुन्नी देवी ने कहा कि यह आराजी उनके नाम है।
उसने इस जमीन का सौदा 30 लाख रुपये में तय कर उन्हें पचास हजार रुपये दे दिए। उन्होंने माह बाद बैनामा कराने का वादा किया। उसने तहसील जाकर जब अभिलेखों को देखा तो पता चला कि भूमि वर्ग चार, वर्ग तीन में दर्ज है। भूमि उनके नाम नहीं है। उसने कहा कि इन लोगों ने उसके साथ धोखाधड़ी की है।