छोटेलाल हत्याकांड के आरोपी बिट्टू की हत्या मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। इन्हें दबोचने के लिए एसओजी समेत चार टीमें इनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। उधर पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद बिट्टू का शव परिजनों को सौंप दिया। गांव में ऐहतियातन पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया है।
शुक्रवार रात ग्राम फौजी मटकोटा निवासी अतेंद्र उर्फ बिट्टू चौधरी (29) पुत्र चंद्रपाल की भूरारानी स्थित खुशी इंकलेव के पीछे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की स्कूटी और चप्पल घटनास्थल से करीब डेढ़ सौ मीटर पहले सड़क पर बरामद हुई थी। इधर बवाल की आशंका से पुलिस ने शव को आनन-फानन में उठाकर मोर्चरी भिजवा दिया था। बिना सूचना दिए शव मोर्चरी भिजवाने पर परिजनों और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोंकझोंक भी हुई थी।
शनिवार को मृतक के छोटे भाई राकेश कुमार ने कोतवाली में तहरीर देकर कहा कि वह अपने बड़े भाई अतेंद्र और चचेरे भाई संजीव के साथ भूरारानी मोड़ स्थित फर्नीचर की दुकान पर जा रहा था। रास्ते में विनीत, वीरपाल उर्फ वीरे और विक्की धामा उर्फ डिंपी निवासी फौजी मटकोटा ने उन्हें रोककर फायरिंग शुरू कर दी। वह और संजीव जान बचाकर भाग गए लेकिन आरोपियों ने फायरिंग कर उसके भाई अतेंद्र की हत्या कर दी। नामजद आरोपी वीरपाल के विनीत और विक्की भतीजे हैं।
छोटेलाल हत्याकांड की रंजिशन ही बिट्टू की हत्या की गई है। नामजद आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमें बिजनौर, काशीपुर और अन्य जगहों पर भेजी गई हैं। आरोपियों के रिश्तेदार और परिचितों के घरों में दबिशें दी जा रही हैं। बहुत जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। हत्या में 12 और 315 बोर के तमंचे और पाटल का इस्तेमाल किया गया है। आरोपियों के परिवार के लोगों से कोतवाली में पूछताछ की गई है।
-डॉ. सदानंद दाते, एसएसपी, ऊधमसिंह नगर
बिट्टू ने वीरपाल को मारा था थप्पड़
बिट्टू का शुक्रवार शाम गांव की हाट में नामजद आरोपी वीरपाल से झगड़ा हुआ था। इसमें बिट्टू ने वीरपाल को थप्पड़ जड़ दिया था। पुरानी रंजिश और थप्पड़ की खुन्नस में इस हत्या को अंजाम दिया गया हो, पुलिस इस आशंका से इनकार नहीं कर रही है। सीओ स्वतंत्र कुमार ने बताया कि थप्पड़ मारने के तीन घंटे के भीतर हुई हत्या इसकी ओर इशारा भी कर रही है।
तमंचे और पाटल से हुई हत्या
रुद्रपुर। हत्यारे बिट्टू को ठिकाने लगाने के लिए पूरी तैयारी से आए थे। आरोपियों से घिरने के बाद बिट्टू जब जान बचाकर भागने लगा तो आरोपियों ने उसे पीछे से गोली मारी जो कनपटी पार करके निकल गई। इसके बाद हत्यारों ने उसके सिर पर पाटल से वार किया और गोलियां भी मारी। बिट्टू के पैरों पर रगड़ के निशान मिलने से अंदेशा है कि मरने के बाद उसे घसीटा भी गया। इससे एक बात साबित होती है कि हत्यारे उसे बेइंतिहा नफरत करते थे। घटनास्थल से 315 बोर और 12 बोर के खोखे बरामद हुए हैं।
तहरीर के चलते पोस्टमार्टम में हुई देरी
रुद्रपुर। बिट्टू की हत्या से परिजन इतने गुस्से में थे कि वे तहरीर देने के बजाए खुद ही बदला लेने की बात कहते रहे। पुलिस अधिकारियों के बार-बार समझाने पर दोपहर बाद मृतक के छोटे भाई ने कोतवाली आकर नामजद तहरीर दी गई थी। एएसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि तहरीर देरी से मिली थी, इसकी वजह से शव का पोस्टमार्टम दोपहर बाद हो सका।
छोटेलाल हत्याकांड में थे युवती के तार
सवा साल पहले पूर्व प्रधान छोटेलाल की हत्या मामले में जमीन के साथ एक युवती को लेकर विवाद की बात सामने आई थी। पुलिस छानबीन में यह बात सामने आ रही है। बिट्टू हत्याकांड में जिस विक्की को नामजद किया गया है, वह युवती का रिश्तेदार है। एएसपी देवेंद्र पिंचा ने बताया कि हालांकि युवती की अब शादी हो चुकी है। मगर इस दिशा को भी ध्यान में रखकर छानबीन की जा रही है।
बारात के बहाने गुमराह करने की कोशिशफौजी मटकोटा गांव में शुक्रवार को एक बारात पंजाब गई थी। बारात में आरोपियों को भी जाना था। लेकिन उन्होंने हत्या की योजना बनाई ताकि लोग उनके बारात में जाने की वजह से शक नहीं कर सकें। इसी के चलते उन्होंने वारदात को अंजाम दिया और गायब हो गए। बताया जा रहा है कि पुलिस की छानबीन में पता चला कि आरोपी बारात में नहीं गए थे।
खुफियातंत्र पर भी उठे सवाल
छोटेलाल हत्याकांड के आरोपी बिट्टू के जमानत पर छूटने के बाद से गैंगवार की आशंका प्रबल हो गई थी। लेकिन पुलिस और खुफिया तंत्र ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, जिसका नतीजा बिट्टू की हत्या के रूप में सामने आया। इससे पूर्व भी फौजी मटकोटा में गैंगवार की वजह से आधा दर्जन हत्याएं हो चुकी हैं।