किच्छा क्षेत्र के ग्राम देवरिया के ग्राम प्रधान की प्रधानी खतरे में पड़ गई है। स्क्रूटनी कमेटी ने जाति प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया है। जिला पंचायतराज विभाग आदेश का इंतजार कर रहा है। देवरिया के ग्राम प्रधान रामबहादुर के खिलाफ ग्रामीणों ने जाति प्रमाण पत्र फर्जी होने की शिकायत की थी।
रामबहादुर ने सोनार जाति का प्रमाण पत्र हासिल कर चुनाव लड़ा था। इस पर जिले की स्क्रूटनी कमेटी ने इस मामले की जांच की थी। साथ ही प्रधान से दस्तावेज मांगे थे। कमेटी के सामने प्रधान ने शपथ पत्र पेश किया। लेकिन, प्रमाणपत्र के संबंध में कोई दस्तावेज नहीं दिखा सके।
जांच के दौरान सोनार जाति का प्रमाण पत्र फर्जी मिला था। इस पर कमेटी ने प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया है। प्रमाण पत्र फर्जी निकलने के बाद प्रधान की प्रधानी भी खतरे में पड़ गई है। जिला पंचायत राज विभाग स्क्रूटनी कमेटी के आदेश का इंतजार कर रहा है।
सूत्र बताते हैं कि जिस जाति प्रमाण पत्र पर प्रधान चुनाव के योग्य साबित हुए थे, वही अगर निरस्त हो गया तो निर्वाचन अवैध हो जाएगा। फिलहाल विभाग आदेश की कापी मिलने का इंतजार कर रहा है।
डीपीआरओ आरसी त्रिपाठी ने बताया कि अभी तक उनके पास आदेश की कापी नहीं मिली है। आदेश का अध्ययन करने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।