देवहा नदी में मगरमच्छ का शिकार बने छात्र का दूसरे दिन भी पता नही चला। एनडीआरफ, वन विभाग और ग्रामीणों द्वारा नाव से नदी और किनारों पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। विधायक प्रेम सिंह राणा ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। विधायक ने वन विभाग से वार्ता कर पीड़ित परिवार को 20 हजार रुपये की तत्काल सहायता दिलाई।
बुधवार को एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर मेघराज के नेतृत्व में टीम ने वन विभाग और ग्रामीणों के सहयोग से देवहा नदी के गौड़ी घाट से लेकर कई किमी तक लापता छात्र संदीप सिंह की खोज के लिए रेस्क्यू आपरेशन चलाया। लेकिन, कोई सफलता नहीं मिली। गौरतलब है कि मंगलवार को ज्ञानपुर गौढ़ी निवासी संदीप सिंह (14) पुत्र लखमीर सिंह अपने भाई और मित्र के साथ नदी पार कर अपनी बुआ के घर आ रहा था। घाट के समीप मगरमच्छ ने उसको अपना शिकार बना लिया था।
शोर मचाने पर पहुंचे ग्रामीणों ने मगरमच्छ के मुंह में फंसे संदीप को लाठी डंडे मारकर छुड़ाने का प्रयास किया। लेकिन मगरमच्छ संदीप को लेकर पानी में चला गया। घटना की सूचना मिलने पर विधायक प्रेम सिंह राणा भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। विधायक ने रेंजर आरएस मनराल से वार्ता कर पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता के रूप में 20 हजार का चेक दिलवाया।
भेदभाव नीति से नहीं बना संपर्क मार्ग
विधायक प्रेम सिंह राणा ने रावत सरकार पर भाजपा विधायकों के विधानसभा क्षेत्रों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। राणा ने बताया कि नवंबर 2015 में विधानसभा में अति पिछड़े क्षेत्र ज्ञानपुर गौढ़ी में सड़क और पुलिया निर्माण की मांग विधानसभा में उठाई थी। शासन की ओर से स्वीकृति के बावजूद रावत सरकार ने कार्य के लिए धन अवमुक्त नहीं किया। जिसके चलते पुलिया और संपर्क मार्गों का निर्माण नही हो सका है।