कोतवाली हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव ऐहन के मोड़ के पास हुई विधिपुर के प्रधान रामू उर्फ रामकुमार की हत्या का पुलिस ने राजफाश कर दिया है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर इस जघन्य हत्याकांड से पर्दा उठाया है। पुलिस ने इस मामले में सात लोगों को आरोपी बनाया है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अजयपाल ने अपने कार्यालय में पत्रकारों को बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त प्रमोद कुमार निवासी विधिपुर थाना हाथरस जंक्शन हिस्ट्रीशीटर है। उसने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2015 में हुए ग्राम प्रधान के चुनाव में उसका साथी प्रदीप निवासी विधिपुर निर्विरोध प्रधान बनना चाहता था।
प्रदीप इस समय अलीगढ़ जेल में बंद है, परंतु रामू उर्फ रामकुमार और नरेंद्र उर्फ गोली चुनाव में खडे़ हो गए थे। प्रदीप ने चुनाव के दौरान दोनों को चुनाव नहीं लड़ने के लिए फोन पर धमकी भी दी थी, लेकिन यह लोग नहीं माने और रामू चुनाव लड़कर प्रधान बन गया।
प्रदीप ने अपने साथी दलवीर के फोन से 19 जुलाई को रामू को धमकी भी दी थी। प्रदीप की योजना रामू को मरवाकर निर्विरोध प्रधान बनने की थी। एसपी ने बताया कि प्रदीप ने ही इसी साल 19 जुलाई को अलीगढ़ न्यायालय में दलवीर, संजू उर्फ संजय प्रधान बंदीपुर, अमित उर्फ गुड्डा निवासी एेंहन के साथ मिलकर रामू की हत्या की योजना बनाई।
योजना में प्रमोद, प्रदीप के भाई अखिलेश और जय कुमार निवासी विधिपुर तथा अंकित पुत्र टैंटी निवासी गंगचौली को शामिल कर लिया था।
प्रमोद ने बताया कि 20 जुलाई की सुबह वह और अंकित तथा अंकित का एक साथी ग्राम नगला इमलिया के पास खड़े हो गए। अखिलेश और जयकुमार मोटर साइकिल से रामू प्रधान के पीछे-पीछे आ रहे थे।
अमित उर्फ गुड्ड बेरगांव के चौराहे पर बैठकर सूचना दे रहा था। दलवीर और संजू प्रधान गांव बंदीपुर में बैठकर अखिलेश को फोन पर हत्या की योजना बता रहे थे। जैसे ही रामू प्रधान नगला इमलिया के पास पहुंचे तो अखिलेश ने मोटरसाइकिल बराबर में लगाकर रामू को दो गोली मारी, परंतु उनसे रामू बच गया और मोटर साइकिल गिराकर खेतों में भाग गया।
इस दौरान इन लोगों ने उसे घेर लिया और गोलियां मारकर हत्या कर दी। इसके बाद सभी फरार हो गए। दलवीर, अखिलेश, जयकुमार और प्रदीप कुमार निवासीगण विधिपुर, अमित उर्फ गुड्डा निवासी ऐंहन, अंकित निवासी गंगचौली, संजय उर्फ संजू निवासी बंदीपुर फरार हैं।
खुलासे में कोतवाली हाथरस जंक्शन प्रभारी महाराज सिंह भाटी, एसएसआई वीरेंद्र कुमार भारती, कांस्टेबल रविंद्र कुमार, उमेश कुमार, अरविंद कुमार आदि शामिल थे।