सोमवार तड़के करीब तीन बजे तेज रफ्तार स्कॉर्पियो दिनेशपुर रोड स्थित जयनगर के पास अनियंत्रित होकर एक मंदिर के गेट से टकराते हुए पलट गई। हादसे में चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे हल्द्वानी रेफर कर दिया गया है। हादसे में कार में बंधे दो पशुओं की भी मौत हो गई। मरने वालों में रामपुर निवासी फुरकान पुत्र शरीफ, सुब्हान पुत्र नसीर, तौकीर पुत्र रईस और शाहनवाज पुत्र खलील हैं। जबकि फरमान पुत्र शरीफ घायल हो गया है।
मरने वालों की उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच है। तड़के हुए इस हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ एकत्र हो गई और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शवों और घायल को बाहर निकाला। घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जबकि पोस्टमार्टम के बाद चारों युवकों के शव परिजनों को सौंप दिए गए।
ग्रामीणों के अनुसार रविवार की मध्य रात्रि और सोमवार तड़के करीब तीन बजे एक स्कॉर्पियो कार मटकोटा मार्ग पर जयनगर-एक गांव के मोड़ पर स्थित शिव मंदिर के गेट के पीलर और लोहे के दरवाजे को तोड़ती हुई तेज धमाके के साथ भीतर जाकर पलट गई। धमाका इतना तेज था कि जिससे न केवल सभी ग्रामीण जाग गए, बल्कि आसपास की मकानों की दीवारें भी हिल गईं। मंदिर के आसपास के लोग और गांव वाले मौके पर पहुंचे तो वहां का दृश्य देखकर हतप्रभ रह गए।
कार पलटी हुई थी, और उसके भीतर चीखने की आवाजें आ रही थी। ग्रामीणों ने टार्च जलाकर भीतर देखा तो सभी के होश उड़ गए। कार के भीतर तीन और दरवाजे पर एक लाश लटक रही थी। जबकि सामने की सीट पर फंसा एक घायल चीख-चीखकर मदद की गुहार लगा रहा था।
कार के पीछे रस्यियों में दो बैल बंधे हुए थे। ग्रामीणों ने घायल और दोनों बैल को किसी तरह से बाहर निकाला और तत्काल 108 एंबुलेंस के साथ पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही एसओ एमएम जोशी पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। तब तक दोनों बैल की भी मौत हो चुकी थी।
पुलिस ने घायल को जिला अस्पताल भिजवाया और उच्चाधिकारियों को घटना की सूचना देकर पंचनामा भरने के बाद चारों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। दोनों बैल भी पोस्टमार्टम के लिए दिनेशपुर के पशु चिकित्सालय लाए गए।
सुबह एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले, एएसपी कमलेश उपाध्याय ने दुर्घटनास्थल का मुआयना किया। एएसपी ने बताया कि कार काफी स्पीड में रही होगी और मोड़ होने के कारण चालक कार पर नियंत्रण नहीं रख पाया होगा। कार से बरामद बैल से प्रथम दृष्टया सभी के पशु तस्कर होने की आशंका जताई जा रही है।
अफवाह के चलते दो जिलों की फोर्स तैनात
रुद्रपुर। सोमवार सुबह जब पशु तस्करों की दुर्घटना की जानकारी मिली तो घटनास्थल से लेकर रुद्रपुर शहर में अफवाह फैली कि हादसे में मारे गए चारो युवकों को भीड़ ने मारा है। इसके बाद देखते ही देखते पोस्टमार्टम हाउस में सैकड़ों की तादात में एक समुदाय के लोग एकत्र हो गए। भीड़ को देखते ही पुलिस और जिला प्रशासन हरकत में आया और आनन-फानन में नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले की पुलिस के अलावा एक बटालियन पीएसी घटनास्थल दिनेशपुर रोड के जयनगर में तैनात कर दी गई। वहीं शहर में भी भारी फोर्स तैनात कर दी गई। जब तक मृतकों के परिजन पोस्टमार्टम के बाद शव रामपुर नहीं ले गए तब तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा। शवों को रामपुर भेजे जाने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
ग्रामीणों ने दिखाई मानवता
सोमवार तड़के जैसे ही पशु तस्करों की कार दुर्घटनाग्रस्त हुई तो जयनगर के ग्रामीण दुर्घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। उन्होंने सबसे पहले कार में फंसे शवों को निकालने का भरसक प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिलने के कारण उन्होंने स्थानीय पुलिस को सूचना दी। इस दौरान कार में गंभीर रूप से घायल रामपुर निवासी फरमान पुत्र शरीफ को ग्रामीणों ने कार से बाहर निकाला और 108 को सूचित कर उसे जिला अस्पताल भिजवाया।
स्थानीय नेताओं ने की मदद
दुर्घटना की जानकारी मिलते ही जैसे ही अफवाहों का बाजार गर्म हुआ तो मुस्लिम समुदाय के स्थानीय नेता तुरंत पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और उन्होंने गुस्साए लोगों को शांत कर समझाया। उन्होंने बताया कि अफवाहों पर ध्यान न दें। युवकों की मौत का कारण सड़क हादसा ही था। इस दौरान पुलिस ने भी गुपचुप तरीके से नेताओं को आगे कर माहौल को शांत करा दिया।
घायल के बयान से पुलिस को मिली राहत
दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल युवक फरमान ने जब एसएसपी और एसडीएम को अपने बयान में बताया कि उनकी कार तेज रफ्तार से चल रही थी कि अचानक एक मोड़ पर कार अनियंत्रित हो गई और कार पलटती हुई काफी दूर तक घसीटती रही। उसने बयान में यह भी बताया कि मारे गए चारों युवकों की मौत दुर्घटना में हुई है, भीड़ ने नहीं मारा। इसके बाद पुलिस और जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
सीमावर्ती इलाके पुलिस ने किए सील
दुर्घटना के बाद अफवाह का माहौल गरम होने पर यूएस नगर पुलिस और यूपी की रामपुर पुलिस ने सीमाएं सील कर दी गईं और सघन चेकिंग अभियान भी चलाया गया। पुलिस को यह भय था कि कहीं एक समुदाय के लोग अफवाह के चक्कर में कोई गलत कदम न उठा दे इसे भांपते हुए पुलिस मुस्तैद हो गई और चेकिंग अभियान में जुट गए। रामपुर से उत्तराखंड को आने वाले सभी वाहनों की तलाशी और संदिग्धों पर नजर रखी गई।
एसएसपी ने जयनगर तो एएसपी ने संभाला शहर
सोमवार तड़के पशु तस्करों की मौत की खबर जैसे ही एसएसपी आनंत शंकतर ताकवाले और एएसपी पंकज भट्ट को हुई तो दोनों अधिकारियों ने सूझबूझ के साथ मोर्चा संभाल लिया। जयनगर की कमान एसएसपी ताकवाले ने स्वयं संभाली तो शहर के पोस्टमार्टम हाउस में एएसपी पंकज भट्ट ने अपना काम शुरू कर दिया। दोनों अफसरों की मुस्तैदी से अफवाह के बाद माहौल खराब होने से बचा।
एएसपी कमलेश करेंगी घटना की जांच
एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले ने पोस्टमार्टम हाउस में गुस्साए लोगों के तेवर को देखते हुए इस दुुर्घटना की जांच एएसपी काशीपुर कमलेश उपाध्याय को सौंपी है। उन्होंने निर्देश दिए कि घटना की सभी बिंदुओं पर जांच कर घटना की सत्यता को खोजा जाए। इसके बाद पोस्टमार्टम हाउस पर गुस्साए लोग शांत हुए।