किलपुरा वन रेंज के कंपाट नंबर 26 में फारेस्ट गार्ड मनवर सिंह की हत्या में नामजद तीन आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त 12 बोर का तमंचा भी बरामद कर लिया है।
हत्याकांड का खुलासा करते हुए कोतवाल बीएल विश्वकर्मा ने बताया कि फारेस्ट गार्ड मैनेजर सिंह लकड़ी चोरी करने वालों को अक्सर रोका करता था जिससे उनके बीच विवाद बना रहता था।
जबकि मृतक मनवर सिंह और ठाकुर सिंह का किसी भी लकड़ी चोरी या शिकारी से किसी प्रकार का विवाद नहीं था। हत्यारोपियों ने मैनेजर के धोखे में मनवर को जान से मार दिया।
कोतवाल ने बताया कि घटना वाले दिन फारेस्ट गार्ड मैनेजर सिंह, ठाकुर सिंह, मनवर सिंह जब मेढ़ाघाट की पुलिया के पास पहुंचे तो यहां से मनवर कुछ आगे बढ़ गया उसी दौरान उसे गोली मार दी।
यह भी कहा कि गोली चलने की आवाज पर मैनेजर ने तीन नामजद आरोपी प्रकाश चंद उर्फ टार्जन, बलवंत चंद उर्फ बलवीर, किशन चंद उर्फ किस्सू वहां से भागते हुए देखा। कोतवाल ने बताया कि घटना के कुछ देर बाद जब मौके पर पुलिस पहुंची तो टार्जन नशे की हालत में वहां पहुंचा।
फारेस्ट गार्ड मैनेजर सिंह ने कहा कि उस समय पब्लिक के डर से उसने टार्जन का नाम नहीं लिया। हत्या के बाद 17 जून को आरोपी टार्जन नेपाल भाग गया वहां से दो दिन बाद लौटा। कोतवाल ने बताया कि हत्या में प्रयुक्त हथियार टार्जन के घर से बरामद कर लिया गया है।