कैंसर के रोग से जूझ रही शिक्षिका ने कमरे में पंखे पर लटककर जान दे दी। परिजनों के अनुसार दो वर्ष पहले कैंसर का पता चलने के बाद वह मानसिक रुप से तनाव में रहने लगी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
एलआईसी हाउसिंग लोन का काम करने वाले शमशेर सिंह का एलाइंस सिटी में खुद का मकान है। उनकी 40 वर्षीय पत्नी परविंदर कौर दिनेशपुर स्थित मोतीपुर नंबर एक में सहायक शिक्षिका के पद पर तैनात थीं। रविवार को शमशेर मोतीपुर स्थित अपने फार्म पर गए थे। इस दौरान घर पर पत्नी परविंदर कौर, 11 वर्षीय बेटा जसवंत प्रताप और एक बुजुर्ग नौकरानी थी। दोपहर करीब 2 बजे परविंदर ने अपने बेटे जसवंत प्रताप को घर के दुमंजिले में बने कमरे में अरदास करने की बात कहते हुए किसी को भी उसे डिस्टर्ब न करने को कहा।
करीब एक घंटे बाद भी जब परविंदर कमरे से नहीं निकली तो जसवंत कमरे पर गया लेकिन कमरा अंदर से बंद था। काफी खटखटाने के बाद भी जब परविंदर ने कमरा नहीं खोला तो जसवंत ने पड़ोसियों को बुलाने के बाद डुप्लीकेट चाबी से दरवाजा खोला। कमरे के भीतर परविंदर रस्सी के सहारे छत पर लगे पंखे से लटकी मिलीं। मामले की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पंखे से नीचे उतारा और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
परिजनों ने बताया कि मूल रुप से करनाल हरियाणा की रहने वाली परविंदर का विवाह करीब बीस वर्ष पूर्व शमशेर के साथ हुआ था। मृतका का बड़ा बेटा अभिजोत बंगलूरू से बीटेक की पढ़ाई कर रहा है जबकि छोटा बेटा उसके साथ ही रहता है। दो वर्ष पहले परविंदर को पता चला था कि उसके गले में कैंसर है जिसके बाद से वह तनाव में रहने लगी थी। आशंका जताई जा रही है कि मानसिक तनाव में रहने के कारण ही उसने आत्महत्या करने का कदम उठाया।