टीडीसी पंतनगर में गेहूं बीज खरीद के नाम पर किया गया 16 करोड़ रुपये का घोटाला एसआईटी की जांच में परत दर परत खुल रहा है। प्रारंभिक जांच में जहां एसआईटी के सामने इस बात का खुलासा हुआ था कि टीडीसी कर्मचारियों ने बीज पर स्कीम निकालकर घोटाले को अंजाम दिया था, वहीं ट्रक चालकों से पूछताछ में इसका पता चला कि बीज आटा मिलों में खपाया गया।
सूत्रों के अनुसार, बुधवार को पूछताछ के दौरान बाजपुर के दो ट्रक चालकों ने जानकारी दी कि उन्होंने 28 जनवरी 2016 को बाजपुर स्थित टीडीसी के गोदाम से 60 क्विंटल गेहूं बीज उठाया और रुद्रपुर से लगी किच्छा रोड स्थित आटा मिल में डिलीवरी कर दी। ट्रक का भाड़ा भी उन्हें मिल प्रबंधन ने दिया, लेकिन अब टीडीसी के दस्तावेज में उनके ट्रकों को बनारस और बरेली भेजना दिखाया गया है जबकि उनके पास बाजपुर से किच्छा रोड तक गेहूं बीज की डिलीवरी करने के पूरे दस्तावेज मौजूद हैं।
बता दें कि गेहूं बीज खरीद घोटाले में टीडीसी के दस कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। एसआईटी की जांच में खुलासा हुआ था कि कर्मचारियों ने हल्दी लैब में बीज के नमूने फेल दिखाकर बीज पर स्कीम निकाली और बीज किसानों तक पहुंचाने के बजाय किसी और को बेच दिया। दस्तावेज की जांच में गोदामों तक बीज पहुंचाने वाले ट्रक को दो दिन में दो बार टीडीसी पंतनगर से बिहार जाना दिखाया गया था एसआईटी ने कुछ ट्रांसपोर्टरों और ट्रक चालकों से भी पूछताछ की।
ट्रक यूनियन बाजपुर के चार ट्रकों में पहुंचा माल
रुद्रपुर। गेहूं बीज के नमूने फेल दिखाने के बाद बाजपुर के गोदामों में भेजे गए बीज को कर्मचारियों ने ट्रक यूनियन बाजपुर के ट्रक संख्या 2623, 3737, 1321 और 0199 में लोड कर किच्छा की आटा मिल में पहुंचाया और गोदाम के मुंशी ने ट्रक चालकों को माल की बिल्टी भी दी, जिसे उन्होंने एसआईटी के सुपुर्द किया है।
आटा मिल भी एसआईटी की रडार पर
रुद्रपुर। एसआईटी ने रुद्रपुर और आसपास के कुछ आटा मिल स्वामियों को भी रडार पर लिया है। बिहार की मिलों में बीज खपाने के भी कुछ साक्ष्य एसआईटी को मिले हैं। माना जा रहा है जल्द ही एसआईटी मिल मालिकों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है।