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निलंबित पीसीएस अधिकारी तीरथपाल ने किया आत्मसमर्पण

Tue, 10 Jul 2018 12:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
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गिरफ्तार तहसीलदार - फोटो : amar ujala
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एनएच -74 भूमि मुआवजा घोटाले में सोमवार को निलंबित पीसीएस अधिकारी और रुद्रप्रयाग एडीएम तीरथपाल सिंह ने एसआईटी के समक्ष आत्म समर्पण किया। इसके बाद एसआईटी ने तीरथपाल सिंह और रविवार को गिरफ्तार किए गए बेड़ीनाग के प्रभारी तहसीलदार रघुवीर सिंह को जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण सीपी बिजल्वाण की कोर्ट में पेश किया गया। यहां से दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेज दिया गया है। तीरथपाल के जेल जाने के बाद भूमि मुआवजा घोटाले में जेल जाने वाले पीसीएस अधिकारियों की संख्या पांच हो गई है। इससे पहले डीपी सिंह, भगत सिंह फोनिया, एनएस नगन्याल और अनिल शुक्ला को एसआईटी जेल भेज चुकी है।   
 सोमवार दोपहर एसआईटी टीम के जांच अधिकारी स्वतंत्र कुमार सिंह आरोपी रघुवीर सिंह को लेकर नैनीताल जिला कोर्ट पहुंचे। उधर आत्मसमर्पण करने वाले तीरथपाल सिंह को शाम करीब 4 बजे कोर्ट लाया गया। इससे पहले तीरथपाल सोमवार दोपहर 1:05 बजे अपने वकील के साथ ऊधमसिंह नगर एसएसपी कार्यालय पहुंचकर सीधा एसआईटी दफ्तर पहुंचा। यहां एसआईटी ने तीरथपाल से कोई पूछताछ नहीं की और करीब 1:15 बजे उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद करीब 1:45 बजे नैनीताल कोर्ट के लिए रवाना कर दिया गया।
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रघुवीर सिंह पर आरोप : 2012 में रघुवीर सिंह गदरपुर में कानूनगो थे। आरोप है कि रघुवीर सिंह ने गदरपुर तहसील में कानूनगो रहते हुए ग्राम बरीराई के किसान जरनैल सिंह, करनैल सिंह, सुंदर सिंह और परमजीत सिंह की भूमि से संबंधित तीन मामलों की फाइल में बैक डेट से धारा 143 में कृषक भूमि को अकृषक किए जाने के लिए रिपोर्ट लगाई थी। इसके आधार पर आरोपियों की ओर से किसानों को 2 करोड़ से अधिक का मुआवजा दिलवाया गया था जिसका भुगतान उस समय एसएलओ रहे अनिल शुक्ला की ओर से जारी किया गया था। एफएसएल रिपोर्ट में तीरथपाल की ओर से तीन मामलों में बैक डेट में भूमि की 143 करने के बाद रघुवीर सिंह की ओर से इसमें से दो मामले में गलत रिपोर्ट लगाने का मामला एसआईटी की पकड़ में आया था। ब्यूरो


तीरथपाल सिंह पर आरोप : वर्ष 2013-14 में बाजपुर तहसील में एसडीएम रहने के दौरान तीरथपाल ने उक्त तहसील के ग्राम मढैयारत्ना, टांडा आजम और कनौरी में तीन जमीनों की बैक डेट में 143 कराने के लिए रिपोर्ट तैयार की गई थी। इसमें से मढैयारत्ना वाले मामले में प्रतिकर निर्धारण होने के बाद काश्तकार को दो करोड़ रुपये का मुआवजा मिला, जबकि टांडा आजम और कनौरी के मामलों में आपत्ति दर्ज होने पर मुआवजा रोक दिया गया। चार माह पूर्व रुद्रप्रयाग में एडीएम के पद पर तैनात रहने के दौरान तीरथपाल को शासन की ओर से निलंबित कर राजस्व परिषद देहरादून से संबद्ध किया गया था। वर्तमान में वह एडीएम पद पर था।

पांच दिन तक इंतजार में बैठी रही एसआईटी ने आधे घंटे में ही भेजा कोर्ट
रुद्रपुर। बीते बुधवार को मिली एफएसएल रिपोर्ट में तीरथपाल की ओर से तीन मामलों में भूमि की बैक डेट में 143 कराने की पुष्टि के बाद एसआईटी तीरथपाल की गिरफ्तारी के इंतजार में थी। इधर, तीरथपाल ने एसआईटी को आत्मसमर्पण का भरोसा दिया था। सोमवार दोपहर 1:05 बजे तीरथपाल अपने वकील के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचकर सीधा एसआईटी दफ्तर पहुंचा। यहां एसआईटी ने तीरथपाल से कोई पूछताछ नहीं की और करीब 1:15 बजे उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद करीब 1:45 बजे नैनीताल कोर्ट के लिए रवाना कर दिया गया।
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रघुवीर, तीरथपाल को एक साथ पेश करने की थी तैयारी
रुद्रपुर। आत्मसमर्पण करने वाले निलंबित पीसीएस अधिकारी ती
रथपाल और प्रभारी तहसीलदार रघुवीर सिंह को एसआईटी ने एक साथ नैनीताल कोर्ट में पेश करने की तैयारी की थी। लेकिन, तीरथपाल के देरी से पहुंचने के कारण रघुवीर को सुबह ही कोर्ट भेज दिया गया था। तीरथपाल को कोर्ट में पेश करने के लिए एसआईटी की ओर से कागजी प्रक्रिया उसके आने से पहले से पूरी कर ली गई थी।
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