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करंट का कहर : 24 घंटे में चार मौत, हड़कंप

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रमेश की मौत के बाद रोते-बिलखते घरवाले। - फोटो : amar ujala
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बस्ती। 24 घंटे के भीतर करंट से चार लोगों की मौत होने से लोग दहशत में हैं। कहीं खुद की लापरवाही भारी पड़ रही तो कई घटनाएं महज संयोगवश हुईं। लेकिन ताबड़तोड़ घटनाओं से भय व्याप्त है। बिजली के मोटर से पानी भरकर धान की रोपाई कर रहे किसान भी सिंगल फेस मोटर लगाने से डरे हैं। वहीं, अनुभवी तकनीकी टीम की भी चूक का खामियाजा सहकर्मी की मौत से भुगतने के बाद विभाग के अफसर व कर्मी आहत हैं।
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सोमवार को भोयर चौबे के 18 वर्षीय रमेश कुमार चौधरी पुत्र आज्ञाराम सुबह लगभग 6:30 बजे बिजली के बोर्ड में तार जोड़ रहे थे। तभी करंट लगा और गंभीर रूप से झुलसकर घायल हो गए। जिला अस्पताल ले जाने के दौरान रमेश ने दम तोड़ दिया। मनोरमा नदी के घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। रमेश घर में सबसे बडे़ थे। उनके बाद 17 वर्षीय बहन अंजली व  नौ वर्षीय भाई रामधनी है। पिता आज्ञाराम व माता मीरा की चीख पुकार से लोगों की आंखें नम हो गईं। प्रधान अशंक वल्लभ चतुर्वेदी ने बताया कि बिजली बोर्ड ठीक करने में घटना हुई। नगर एसओ रामअशीष यादव ने बताया कि जरूरी कार्रवाई की जा रही है।  
 इसी थाना क्षेत्र के ग्राम रमवापुर पांडेय में भी सोमवार सुबह सिंचाई के लिए मोटर में तार जोड़ते समय करंट की चपेट में 55 वर्षीय सत्यनारायण पांडेय उर्फ टिक्कू पांडेय की सुबह लगभग छह बजे मृत्यु हो गई। तार को जोड़ते समय करंट छू गया था। उनका भी परिवार के लोगों ने अंतिम संस्कार कर दिया। सत्यनारायण पांडेय के दो बेटे और चार बेटियां हैं, जिसमें सबसे बडे़ संतोष की अभी छह महीने पहले अहमदाबाद में आकस्मिक मृत्यु हो गई थी। उनके बाद का बेटा कौशल कुमार पांडेय घर पर ही है। चारों बेटियां पूनम, सुमन, किरन व हिरन शादीशुदा हैं।  
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रविवार को दो संविदाकर्मियों की हुई मौत 
बड़ेबन स्थित दुलारी वाटिका के पास 11 केवी लाइन ठीक करने गए लाइन मैन रवींद्र श्रीवास्तव की अचानक बिजली आने से वह तार से चिपक गए थे। जिला अस्पताल ले जाने पर मृत घोषित कर दिया गया। वहीं, रविवार को महसों फीडर से जुड़े राजा मैदान में पोल पर चढ़कर लाइन ठीक करते समय संविदा कर्मी सुमंत लाल को करंट लगा। गंभीर हालत में जिला अस्पताल व बीआरडी मेडिकल कॉलेज से रेफर होने के बाद लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। 24, 20 अथवा 18 घंटे बिजली देने की मुहिम साकार करने के लिए आठ से 11 जुलाई तक की विशेष रोस्टरिंग के चलते शहर व कस्बों में रत-जगा जैसा माहौल है। इंजीनियर, लाइनमैन, संविदाकर्मी और उनका परिवार भी सकते में हैं। विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता एके सिंह का कहना है कि 11 जुलाई के बाद हालात सामान्य हो जाएंगे। डीएम डॉ. राजशेखर का कहना है कि सभी प्रकरण में यथोचित कार्रवाई की जा रही है। 
फोटो      
संविदाकर्मी की मौत पर जेई और ठेकेदार पर मुकदमा दर्ज
रविनदंन की करंट से हुई थी मौत, शिवाघाट पर हुआ अंतिम संस्कार 
अमर उजाला ब्यूरो 
सोनहा। लाइन बनाते समय करंट के शिकार हुए रविनदंन श्रीवास्तव का शव रविवार देर रात पैतृक गांव अमरौली सुमाली के टोला रामनगर लाया गया। भाकियू के पदाधिकारी बिजली विभाग के लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और मुआवजे की मांग पर अड़ गए थे।
भाकियू पदाधिकारियों के गुुस्से को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक सोनहा शिवाकांत मिश्र ने एसडीएम रमेश कुमार को जानकारी दी। सूचना पर पहुंचे एसडीएम व तहसीलदार ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। देर रात कोतवाली में बिजली विभाग के जेई और ठेकेदार पर मुकदमा दर्ज होने की जानकारी दी गई। एसडीएम रमेश कुमार को भाकियू टिकैत गुट के तहसील अध्यक्ष श्याम नरायन सिंह ने ज्ञापन देकर मांग की कि मृतक के परिवार को 20 लाख की आर्थिक मदद दी जाए। परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाए। साथ ही किसान दुर्घटना बीमा का भी लाभ दिलाया जाए। एसडीएम ने लोगों के आक्रोश को देखते हुए बिजली विभाग के अधिकारियों से वार्ता कर आर्थिक मदद व तहसील प्रशासन से मिलने वाले मदद का आश्वासन देकर शांत कराया। रात दो बजे तक सभी अधिकारी मौके पर डटे रहे। सोमवार को शिवाघाट पर अंत्येष्टि की गई। 

तीन बच्चों के सिर से हटा पिता का साया
रविनंदन की मौत से जहां अनीता की मांग सूनी हो गई वहीं बेटी काजल, बेटा राहुल और श्रेयांश के सिर से पिता का साया छिन गया। बच्चों और परिवार की चीख-पुकार से लोगों की आंखें नम हो जा रही थीं। किसी तरह से लोग सभी को ढांढस बंधाने का प्रयास करते। सोमवार सुबह रविनंदन का शिवाघाट पर रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार कर दिया गया। कांपते हाथों से पिता पटेश्वरी श्रीवास्तव ने बेटे को मुखाग्नि दी। इस मौके पर भाकियू पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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