दहेज हत्या का मुकदमा वापस नहीं लेने पर ही कैंटीन मैनेजर पर जानलेवा हमला हुआ था। नैनीताल जेल में बंद गैंगस्टर भूपेंद्र सिंह उर्फ भूपी (वर्तमान में देहरादून सुद्धोवाला जेल में बंद) के इशारे पर मुरादाबाद के शूटरों ने इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने हमले की सुपारी देने वाले फौजी के अलावा चार अन्य बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी समेत दो लोगों की पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस टीम को एसएसपी और एएसपी ने इनाम देने की घोषण की है।
बीती 26 सितंबर 2018 की रात अज्ञात लोगों ने अलीगंज रोड पर अंग्रेजी शराब की कैंटीन में बैठे ग्राम पवलगढ़ थाना रामनगर जिला नैनीताल के निवासी नीरज बिष्ट (30) पुत्र जगत सिंह को गोली मारकर घायल कर दिया था। घायल नीरज के भाई सोबन सिंह ने अपने जीजा भूपेंद्र सिंह लटवाल पर हमला कराने का संदेह जताया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि वर्ष 2017 में दहेज के लिए उसकी बहन गीता बिष्ट की हत्या कर दी थी। मामला कोर्ट में विचाराधीन है और भाई नीरज मामले में गवाह है।
नीरज पर मुकदमा वापस लेने का दबाव डाला जा रहा था। पुलिस ने बृहस्पतिवार को सटीक सूचना पर नामजद आरोपी कालाढूंगी निवासी भूपेंद्र सिंह लटवाल, नैनीताल निवासी नवीन वर्मा, मोरा की मिलक मुरादाबाद निवासी ताहिर अली, भट़्टावाली मुरादाबाद निवासी मनिंदर सिंह उर्फ मोनिंदर और ग्राम काजीपुरा मुरादाबाद निवासी अंकुर पाल को गिरफ्तार कर लिया।
एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि आरोपियों से हुई पूछताछ में पता चला कि दहेज हत्या के आरोप में नैनीताल जेल गए फौजी भूपेंद्र लटवाल की पहचान वहां बंद सरगना भूपेंद्र बोरा से हुई थी। वहीं भूप्पी से दहेज हत्या का मुकदमा वापस कराने के लिए सुपारी की बात फाइनल हुई थी। इसमें से 17 लाख रुपये भूप्पी को दिए जा चुके हैं। भूप्पी ने मुकदमे के वादी नीरज की हत्या की सुपारी ग्राम कुरी थाना छजलैट मुरादाबाद निवासी अभिषेक उर्फ छोटू को दी थी।
छोटू ने पुलिस की गिरफ्त में आए तीन बदमाशों के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया था। पुलिस से बचने को वह एक पुराने मुकदमे में जमानत तुड़वाकर जेल चला गया था। पुलिस ने पकड़ में आए बदमाशों के कब्जे से 315 बोर के तीन तमंचे बरामद किए हैं। एएसपी ने बताया कि जेल से आपराधिक गतिविधियां संचालित करने के मामले में जेल कर्मियों की कथित मिलीभगत को लेकर आईजी जेल को रिपोर्ट भेजी गई है। मामले में पुलिस टीम को एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने ढाई हजार व एएसपी ने डेढ़ हजार रुपये इनाम की घोषणा की है। टीम में कोतवाल चंचल शर्मा, एसएसआई राजेश यादव, बीएस बिष्ट, दिनेश फर्त्याल, दिनेश बल्लभ, खुशवंत सिंह, लाखन सिंह, सुनील बिष्ट, प्रवीना सिदौला, संदीप पिलख्वाल, कुलदीप, देवेंद्र, कैलाश, सतीश, प्रवीण, दीवान, रमेश, पूजा, भूपेंद्र आदि शामिल हैं।
सरगना छोटू ने महिला मित्र को फोन पर दी वारदात की जानकारी
काशीपुर। कैंटीन मैनेजर नीरज बिष्ट को गोली मारने के बाद मुख्य आरोपी अभिषेक उर्फ छोटू ने अपनी महिला मित्र को फोन कर घटना के बारे में जानकारी दी थी। पुलिस ने उसकी महिला मित्र को हिरासत में लेकर उससे हुई बातचीत की रिकार्डिंग कब्जे में ली है। इस बातचीत में छोटू ने जानकारी दी है कि भूप्पी भाई ने उसे जो काम सौंपा था, वो हो गया है। महिला मित्र ने पुलिस को छोटू के बारे में कई और महत्वपूर्ण जानकारियां दी।
अभिषेक खोलेगा व्यापार मंडल अध्यक्ष दीपक पर हुए हमले का राज
काशीपुर। प्रांतीय उद्योग प्रतिनिधि व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष दीपक वर्मा पर हुए हमले के बारे में भी पुलिस को अहम जानकारियां हाथ लगी हैं। पकड़ में आए नवीन वर्मा और ताहिर ने पुलिस को बताया कि जेल में रहने के दौरान भूप्पी ने उन्हें बताया था कि काशीपुर में दीपक वर्मा पर जानलेवा हमला अभिषेक उर्फ छोटू व उसके साथियों ने किया है। सीओ राजेश भट्ट ने बताया कि घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज में एक आरोपी की पहचान इन दोनों ने अभिषेक के रूप में की है। सीसीटीवी में आरोपी के पास पिस्टल देखा जा रहा है। अभिषेक के पास भी पिस्टल है। 26 सितंबर को कैंटीन मैनेजर पर हमले के लिए रैकी नवीन वर्मा ने की थी। नवीन के पकड़े जाने पर अभिषेक उर्फ छोटू जमानत तुड़वाकर जेल चला गया। सीओ भट्ट ने बताया कि बी वारंट प्राप्त कर अभिषेक से पूछताछ की जाएगी। इसके बाद उसे पीसीआर पर लाया जाएगा। अभिषेक से ही व्यापारी नेता दीपक वर्मा पर कराए गए हमले का राज खुल सकेगा।
देहरादून, कोटद्वार में भी कई वारदात में भूप्पी गैंग का हाथ
काशीपुर। देहरादून के प्रापर्टी डीलर के घर के सामने फायरिंग करने और कोटद्वार में एक व्यक्ति की हत्या में अभिषेक उर्फ छोटू गैंग की लिप्तता का पता चला है। वहीं देहरादून में प्रापर्टी डीलर के घर के सामने फायरिंग करने के मामले में अभिषेक चौधरी उर्फ छोटू, ताहिर हुसैन व अतुल की लिप्तता सामने आई है। इस मुकदमे के विवेचना अधिकारी ने काशीपुर पहुंचकर पकड़े गए आरोपियों से घटना के बारे में जानकारी ली। उधर, कोटद्वार में एक व्यक्ति की हत्या में अभिषेक जैसी कद के युवक की ओर से अंजाम देने की बात कही जा रही है। कोटद्वार पुलिस भी इस मामले में जांच कर रही है।
...तो भूप्पी का जेल से संचालित था नेटवर्क
आरडी खान
काशीपुर। डॉन प्रकाश पांडे उर्फ पीपी के खास गुर्गे के रूप में कुख्यात भूपेंद्र बोरा उर्फ भूप्पी की नैनीताल जेल में बादशाहत चलती थी। वह जेल से ही मोबाइल पर अपने गुर्गों के संपर्क में रहता था और फोन पर ही उन्हें टारगेट देता था। काम पूरा होने का संकेत मिलने पर जेल में ही सुपारी की रकम मंगाई जाती थी। बृहस्पतिवार को पुलिस के हत्थे चढ़े मुरादाबाद के एक शूटर ने पुलिस की पूछताछ में यह खुलासा किया है। सर्विलांस लोकेशन में भी इसकी पुष्टि हुई है। एसएसपी की रिपोर्ट पर आईजी (जेल) ने मामले की जांच बिठा दी है। भूप्पी को नैनीताल जेल से देहरादून की सिद्धोवाला जेल स्थानांतरित कर दिया गया है।
तल्लीताल निवासी भूपेंद्र बोरा उर्फ भूप्पी नैनीताल व ऊधमसिंह नगर जनपद में अपराध जगत का जाना पहचाना चेहरा है। उसके गुर्गे उत्तराखंड के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सुपारी लेकर जरायम की वारदातों को अंजाम देते हैं। मुंबई तक भूप्पी की सक्रियता बताई जाती है। काशीपुर में पकड़े गए भूप्पी के सहयोगियों ने कई आपराधिक वारदातों में लिप्तता कबूली है। उनका कहना है कि नैनीताल जेल में भूप्पी का एकछत्र राज चलता है।
वहीं से वह मोबाइल के माध्यम से अपने राइट हैंड छजलैट कांठ निवासी अभिषेक चौधरी उर्फ छोटू को निर्देश देता था। उसके दूसरे सहयोगी तल्लीताल निवासी नवीन वर्मा का काम सुपारी की रकम उसके पास जेल तक पहुंचाने का था। नवीन ही शिकार की रैकी भी करता है। दहेज हत्या का आरोपी मोहनपुर कालाढूंगी निवासी भूपेंद्र सिंह लटवाल गिरफ्तारी के बाद पांच माह भूप्पी के साथ नैनीताल जेल में रहा।
जेल में उसने भूप्पी को 20 लाख रुपये में अपने साले नीरज बिष्ट की सुपारी दी थी। लटवाल ने किश्तों में कई लाख रुपये उसे जेल में ही मंगवा कर दिए। जेल से रिहा होने के बाद उसने नवीन के माध्यम से भूप्पी तक रकम पहुंचाई। मामला संज्ञान में आने पर एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने महानिरीक्षक (जेल) डॉ. पीवीके प्रसाद को रिपोर्ट भेजी। इस रिपोर्ट का परीक्षण करा आईजी (जेल) ने भूप्पी को नैनीताल जेल से देहरादून सुद्धोवाला जेल स्थानांतरित करने के आदेश दिए। दो दिन पूर्व भूप्पी को देहरादून जेल भेज दिया गया है। इस मामले में आईजी (जेल) ने विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
कुख्यात अपराधी भूपेंद्र बोरा उर्फ भूप्पी के नैनीताल जेल से रैकेट चलाने की जानकारी मिली थी। इस रिपोर्ट पर जेल प्रशासन ने उसे नैनीताल से देहरादून जेल भेज दिया है। भूप्पी का नेटवर्क खंगाला जा रहा है। इस गैंग से जिनके संपर्क पाए जाएंगे, उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. सदानंद दाते, एसएसपी ऊधमसिंह नगर।