एलईडी घोटाले में नगर निगम के तत्कालीन सहायक अधिकारी पर गाज गिरनी तय हो गई है। मुख्य नगर अधिकारी ने तत्कालीन नगर अधिकारी के खिलाफ निलंबन की संस्तुति डीएम को भेज दी है।
लेखाकार को प्रतिकूल प्रविष्टि देकर समस्त देयकों का भुगतान रोक दिया गया है। एमएनए ने बाजपुर के ईई और खटीमा के जेई के खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति कर शासन को पत्र भेजा है।
नगर निगम में वर्ष 2014 में 59 लाख रुपये से एलईडी खरीदी थी। इसमें सीडीओ ने मुख्य नगर अधिकारी, मेेयर, सहायक नगर अधिकारी, लेखाकार, स्टोर कीपर, बाजपुर के लोनिवि के ईई, खटीमा के जेई को दोषी पाया था।
इसके बाद डीएम ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति पत्र भेज दिया। साथ ही नगर निगम को विभागीय स्तर से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे।
इस पर मुख्य नगर अधिकारी ने तत्कालीन सहायक नगर अधिकारी गिरीश चंद्र पांडेय को निलंबित करने के लिए डीएम को पत्र लिखा है। इसके साथ ही हाल में रिटायर हुए क्लर्क बीएन पंत के समस्त देयक नगर निगम ने रोक दिए हैं।
एमएनए दीप्ति वैश्य ने बताया कि बाजपुर लोनिवि विद्युत यांत्रिकी खंड के ईई, खटीमा के जेई पर कार्रवाई को शासन को पत्र भेजा गया है।
हाल ही में सेवानिवृत हुए क्लर्क बीएन पंत को एक तरफ नगर निगम दागी मान रहा है, लेकिन उनको कार्यविस्तार भी दिया गया है। बीएन पंत 30 जून को सेवानिवृत्त हुए थे।
इससे पहले ही जांच रिपोर्ट भी आ गई थी। जिसमें पंत को दोषी माना गया था। इसके बावजूद निगम ने इनको दोबारा संविदा पर नियुक्ति दे दी है।