पंतनगर टीडीसी बीज घोटाले में नामजद तीन कर्मचारियों का हाईकोर्ट से गिरफ्तारी स्टे खारिज होने के बाद अब एसआईटी ने फरार चल रहे तीनों कर्मचारियों के खिलाफ कोर्ट से एनबीडब्ल्यू भी ले लिया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट में तीनों के खिलाफ केविएट (इत्तलानामा) दाखिल करने की अनुमित भी शासन से मिल गई है। दो दिन के भीतर एसआईटी सुप्रीम कोर्ट में केविएट दाखिल कर देगी।
पंतनगर तराई बीज विकास निगम में वर्ष 2015-16 में 20 करोड़ रुपये से अधिक का गेहूं बीज घोटाला सामने आया था। मामले में टीडीसी के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सीके सिंह ने नौ कर्मचारियों के खिलाफ पंतनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इनमें एक की मौत हो गई है। करीब 15 दिन पहले एसआईटी ने तीन नामजद आरोपियों मुख्य अभियंता पीके चौहान, उप विपणन अधिकारी, अजीत सिंह और वरिष्ठ लेखाकार जीसी तिवारी की गिरफ्तारी के स्टे को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद से तीनों भूमिगत हैं और एसआईटी उनको पकड़ने के लिए दबिश दे रही है।
इधर, दो दिन पूर्व एसआईटी ने तीनों के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट भी ले लिया था। एसपी सिटी देवेंद्र पींचा ने बताया कि तीनों आरोपी सुप्रीम कोर्ट से अपनी गिरफ्तारी पर स्टे न ले लें, इसके लिए एसआईटी ने तीनों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में केविएट (इत्तलानामा) दाखिल करने की अनुमति शासन से ली है। केविएट दाखिल करने के बाद अगर कर्मचारी सुप्रीम कोर्ट में सटे याचिका दाखिल करते हैं तो कोर्ट द्वारा स्टे देने से पूर्व एसआईटी को इसकी सूचना दी जाएगी। इधर, मामले में हाईकोर्ट ने मंगलवार को नामजद कर्मचारियों के साथ ही वादी सीके सिंह और मामले के विवेचक एसपी सिटी देवेंद्र पींचा को भी हाईकोर्ट ने तलब किया है।