फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रिया के खिलाफ कुर्की के आवेदन की तैयारी में एसआईटी

Tue, 06 Mar 2018 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो  रुद्रपुर।
विज्ञापन
पंचवटी कालोनी के कार्यालय का सील हुआ मुख्य द्वार - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
भूमि मुआवजा घोटाले में एसआइटी की जांच के दायरे में आई एलाइड इंफ्रा की एमडी प्रिया शर्मा के खिलाफ एसआईटी कुर्की के आवेदन की तैयारियों में जुट गई है। साक्ष्य संकलन के बाद एसआईटी मंगलवार को प्रिया के खिलाफ धारा 81 की कार्रवाई के लिए कोर्ट में आवेदन कर सकती है। किच्छा थाने में प्रिया के खिलाफ दर्ज मुकदमे की जांच के लिए जांच अधिकारी ने एसआईटी से संबंधित दस्तावेज कब्जे में लिए हैं। रुद्रपुर और किच्छा तहसील के चार काश्तकारों से भी एसआईटी ने पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। 
विज्ञापन


एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में एसआईटी की जांच में शामिल हुई प्रिया शर्मा की मुश्किलें बढ़ रही हैं। रविवार को प्रिया शर्मा और सुुधीर चावला के खिलाफ किच्छा थाने में धोखाधड़ी का पांचवां केस दर्ज किया गया है। 26 जनवरी को सीओ स्वतंत्र कुमार ने रुद्रपुर कोतवाली में प्रिया शर्मा और उसके सहयोगी सुुधीर चावला के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। इसके बाद से प्रिया और सुधीर भूमिगत हैं।

दोनों की धरपकड़ के लिए जहां पुलिस टीमों ने दिल्ली और मुरादाबाद में डेेरा जमाया है वहीं उसके हल्द्वानी, रुद्रपुर स्थित आवास में भी पुलिस लगातार दबिश दे रही है। एसएसपी डा. सदानंद दाते ने बताया कि एसआईटी ने प्रिया शर्मा के खिलाफ काफी महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटा लिए हैं। इनके आधार पर मंगलवार को प्रिया के खिलाफ कोर्ट से धारा 81 का आदेश लेने के लिए आवेदन करने की तैयारी चल रही है।
विज्ञापन


इधर, किच्छा थाने में रविवार को दर्ज किए गए मुकदमे की जांच करने के लिए भी जांच अधिकारी एमसी पांडे ने सोमवार को एसआईटी कार्यालय पहुंचकर मामले से जुड़े दस्तावेजों को अपने कब्जे में लिया है। साक्ष्य संकलन करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। रुद्रपुर और किच्छा तहसील की जांच के लिए भी सोमवार को एसआईटी ने उक्त दोनों तहसीलों के चार काश्तकारों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। 


गदरपुर के छह काश्तकारों के हस्ताक्षर भेजे जाएंगे एफएसएल 
भूमि मुआवजा घोटाले में एसआईटी गदरपुर तहसील के छह काश्तकारों के हस्ताक्षरों को जांच के लिए एफएसएल देहरादून भेजने की तैयारी भी कर रही है। अब तक एसआईटी द्वारा चार काश्तकारों के हस्ताक्षर नमूने लिए गए हैं। दो और के हस्ताक्षर नमूने मिलने के बाद उन्हें जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। माना जा रहा है कि हस्ताक्षरों की जांच से भी घोटाले के महत्वपूर्ण साक्ष्य एसआईटी को मिलेंगे। 

प्रिया शर्मा की कॉलोनी का कार्यालय सील
किच्छा। एसआईटी की जांच में फंसी बिल्डर प्रिया शर्मा और सुधीर चावला की हल्द्वानी बाइपास रोड पर बन रही पंचवटी कॉलोनी के कार्यालय को जिला विकास प्राधिकरण ने सील कर दिया है। करीब एक घंटे तक चली कार्रवाई में कार्यालय के मुख्य द्वार के अलावा सभी खिड़कियों को भी सील किया गया। सोमवार को तहसीलदार गोपाल राम आर्य की अगुवाई में बड़ी संख्या में विकास प्राधिकरण के अधिकारी कर्मचारी पंचवटी कॉलोनी स्थित कार्यालय पर पहुंचे। तहसीलदार ने बताया कि पंचवटी कॉलोनी को नोटिस दिया गया था। लेकिन जवाब ना मिलने पर सील करने की कार्रवाई की गई है। यहां पर एई आनंद राम, जेई सेवितम पांडेय, जेई आरएल भारती, जेई बाजपुर अशोक कुमार आदि थे।



अकृषि जमीनों के 71 मामलों का भुगतान रोका
रुद्रपुर। एनएच-74 में हुए भूमि मुआवजा घोटाले की चल रही जांच के मद्देनजर एसएलओ दफ्तर भी मुआवजा वितरण से पहले दस्तावेजों का परीक्षण करा रहा है। एसएलओ दफ्तर ने अकृषि के 71 मामलों को संदिग्ध पाते हुए उनका भुगतान रोक दिया है। तीन सदस्यीय टीम गठित कर जमीनों के दस्तावेजों का परीक्षण कर रिपोर्ट मांगी है। इसी रिपोर्ट के आधार पर मुआवजा वितरण किया जाएगा।

दरअसल भूमि मुआवजा घोटाले की जांच में एसआईटी ने कई मामले पकड़े थे, इनमें पिछली तारीख में जमीनों की प्रकृति बदलकर करोड़ों रुपयों के मुआवजे के खेल किया गया था। एसआईटी अभी तक चार पीसीएस अफसरों सहित 18 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। एसआईटी ने जांच में कई जमीनों की प्रकृति को संदिग्ध माना है। लगातार ऐसे मामलों के बाद एसएलओ दफ्तर भी मुआवजा वितरण से पहले दस्तावेजों को परख रहा है।

काशीपुर से सितारगंज तक एनएच चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहीत की जमीनों के 71 ऐसे संदिग्ध मामलों का मुआवजा रोका गया है। इन मामलों के दस्तावेजों को जांचने के लिए संबंधित क्षेत्र के एसडीएम, एनएचएआई के पीडी और एसएलओ दफ्तर के नायब तहसीलदार की कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी इन मामलों के दस्तावेजों का परीक्षण कर रिपोर्ट एसएलओ दफ्तर को देगी। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि किसको एसएलओ दफ्तर से कितना मुआवजा मिलना है। माना जा रहा है कि इनमें से कई ऐसे मामले हैं जिनमें पिछली तारीख में जमीनों की प्रकृति को बदला गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें