गोली लगने से घायल पुरोहित बालकृष्ण तिवारी।
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एक पिता बेटी के हाथ पीले करने के लिए क्या-क्या जतन नहीं करता लेकिन सितारगंज में एक पिता ही बेटी के विवाह में विघ्नकर्ता बन बैठा। कुछ सालों से परिवार से अलग रहा बाप, बेटी के एक दिसंबर को होने वाले विवाह की रस्म शुरू करने के लिए सोमवार को आयोजित गणेश पूजन में वहां आ धमका और उसने पत्नी पर तमंचे से गोली चला दी। पत्नी तो बच गई, लेकिन गोली पुरोहित के जबड़े में जा लगी। गंभीर रूप से घायल पुरोहित को प्राथमिक उपचार के बाद हल्द्वानी रेफर किया गया है। एसपी और एसडीएम ने पुलिस टीम के साथ घटनास्थल का दौरा किया और फरार आरोपी को पकड़ने के मातहतों को निर्देश दिए।
पुलिस के अनुसार नगर के वार्ड संख्या दो में रहने वाली सरस्वती देवी की बड़ी बेटी मंजू बसनाल का विवाह एक दिसंबर को होना है। सोमवार सुबह करीब आठ बजे सरस्वती विवाह की रस्म के अनुरूप गणेश पूजन करा रही थीं। हाथीखाना मोहल्ला निवासी राज्य आंदोलनकारी पुरोहित बालकृष्ण तिवारी (65) पूजन कराने पहुंचे। इसी बीच सरस्वती का पति चंदन बसनाल 32 बोर का तमंचा लेकर पहुंचा और पत्नी को निशाना बनाते हुए गोली चला दी। गोली सरस्वती के बजाय पुरोहित बालकृष्ण तिवारी के बाएं जबड़े में जा लगी। इससे वहां अफरातफरी मच गई। घायल पुरोहित को हल्द्वानी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसपी देवेंद्र पिंचा और एसडीएम विनोद कुमार के मौके पर पहुंचने तक आरोपी फरार हो चुका था। फिलहाल अभी तक पुलिस को तहरीर नहीं मिली है।
चंदन बसनाल दि किसान सहकारी चीनी मिल में तौल बाबू था। नौ अक्तूबर 2015 को उसने पद से इस्तीफा दे दिया था। घरेलू विवाद के चलते तीन साल से वह सरस्वती और चारों बच्चों से अलग रहता था। सरस्वती ने बताया कि चंदन ने कई बार उसके साथ मारपीट की और एक बार तो दरांती से गर्दन पर जानलेवा हमला कर दिया।