पुलिस ने चोरी की सात लग्जरी कारों समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है, उनके पास से इंजन और चैसिस नंबर बदलने के उपकरण भी बरामद बरामद किए गए हैं। इनके दो साथी अभी फरार हैं। एसएसपी ने टीम को ढाई हजार और एएसपी ने डेढ़ हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
रविवार को कोतवाली में मामले का खुलासा करते हुए एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि सीओ राजेश भट्ट, कोतवाल चंचल शर्मा और एसएसआई विरेंद्र रमोला के नेतृत्व में टीम लंबे समय से लग्जरी वाहनों की चोरी के मामले में कार्य कर रही थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने शनिवार रात ढेला पुल से एजाज उर्फ सानू पुत्र यूनुस निवासी मोहल्ला रहमखानी काशीपुर और आसिफ पुत्र रईस निवासी मोहल्ला कानूनगोयान काशीपुर को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि वे रियाजुद्दीन उर्फ रियाज निवासी हरथला मुरादाबाद (यूपी) और इरफान पुत्र गामा निवासी धीमरखेड़ा काशीपुर द्वारा चोरी कर लाए वाहनों को खरीदते हैं। कबाड़ हो चुके वाहनों के इंजन और चैसिस नंबर प्लेट काटकर चोरी के वाहनों पर लगा देते हैं।
फिर फर्जी दस्तावेज तैयार कर वाहन बेच देते हैं। पुलिस ने एजाज के ढेला पुल के निकट वर्कशॉप से सात लग्जरी कारें महेंद्रा (एचआर26बी-1268), डस्टर (यूपी13-9101), स्विफ्ट डिजायर (यूके06एएफ-7892), सेंट्रो (डीएल07सीसी-8826), फोक्स वैगन (डीएल10सीसी-1918), आई 20 (यूके06एएफ-9119), होंडा सिटी (बिना नंबर की) बरामद कर ली। आसिफ के कब्जे से काले रंग का बैग बरामद किया, जिसमें इंजन और चैसिस नंबर बदलने के उपकरण रखे थे।
सीओ राजेश भट्ट ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि होंडा सिटी कार छह अप्रैल को रियाजुद्दीन और इरफान ने थाना फेस 3 नोएडा यूपी से लूटी थी। नोएडा के थाने में संपर्क करने पर वाहन का मुकदमा पंजीकृत पाया गया। सीओ ने बताया कि फरार दो अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम रवाना की गई हैं।
बेचे गए वाहनों की तलाश में जुटी पुलिस
चोरी के वाहनों की तलाश में लगी पुलिस को इतने सटीक इनपुट हाथ लगे थे कि बरामदगी वाहनों की संख्या सात नहीं ब्लकि 24 के करीब होती, लेकिन अन्य व्यस्तता के चलते पुलिस सभी वाहनों को बरामद नहीं कर सकी। हालांकि पुलिस का दावा है कि शीघ्र अन्य वाहनों की भी बरामदगी कर ली जाएगी। सीओ राजेश भट्ट ने बताया कि अधिकतर वाहन यूपी से चोरी किए गए हैं। वाहन किन-किन स्थानों से चोरी हुए हैं और वर्तमान में कहां चल रहे है इसकी जानकारी ली जा रही है। अब तक कितने लोगों को वाहन बेचे गए हैं, इसकी भी जांच की जा रही है। सूत्र बताते हैं कि इस मामले में मुरादाबाद पुलिस भी लगी थी। मुरादाबाद पुलिस से भी काशीपुर पुलिस को कुछ अहम जानकारी मिली।
महज तीन से चार लाख में बेच देते थे लग्जरी गाड़ी
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए चोरों ने बताया वह कबाड़ हो चुकी गाड़ियां खरीद लेते थे। फिर उसी तरह का वाहन चोरी किया जाता था। इसके बाद कंडम वाहन के इंजन और चैसिस नंबर बदलकर चोरी किए वाहनों में डाल दिया जाता था। पुराने वाहनों की आरसी के माध्यम से ही वाहनों को करीब तीन से चार लाख में बेच देते थे। बाद में कंडम वाहन काटकर यूपी में कबाड़ में बेच देते थे। इससे किसी को शक नहीं होता था।
खुलासा करने वाली टीम
कोतवाल चंचल शर्मा, एसएसआई विरेंद्र रमोला, एसआई जसविंदर सिंह, कांस्टेबल कुलदीप सिंह, देवेंद्र सिंह, मनोज कोहली, दीवान सिंह, ज्ञानेंद्र कुमार, कपिल कुमार, आनंद त्रिपाठी, एसओजी के कांस्टेबल कैलाश तोमक्याल, देवेंद्र सिंह बिष्ट, गिरीश कांडपाल।