शक्ति विहार स्थित स्वाधार केंद्र में एक किशोरी ने छत से छलांग लगाकर आत्महत्या की कोशिश की। आनन-फानन में घायल किशोरी को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया। उसके पैर में फैक्चर के अलावा कई गंभीर चोटें है। किशोरी की हालत खतरे से बाहर है।
बिजनौर जिले के अफजलगढ़ थानाक्षेत्रार्गंत पखड़ियां मोहल्ले की किशोरी जोया को परिवार ने घर से बेदखल कर दिया था। इसके बाद किशोरी रुद्रपुर चली आई। यहां किशोरी को स्वाधार केंद्र भेज दिया गया था। 26 जुलाई की देर रात किशोरी ने स्वाधार केंद्र की छत पर जाकर दोमंजिला से छलांग लगा दी।
तेज आवाज सुनकर केंद्र की महिला कर्मी उठ गई। उसने बाहर आकर देखा तो जोया खून से लथपथ पड़ी थी। कर्मियों ने केंद्र संचालिका जया पांडेय को सूचना देने के बाद उसे 108 की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया। उसके पैर, सिर, शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। आज मीडिया कर्मियों के अस्पताल पहुंचने पर मामला उजागर हुआ।
जोया के पास कैसे पहुंचा जीने की चाबियों का गुच्छा
किशोरी जोया के दोमंजिला छत से छलांग लगाने की घटना के बाद स्वाधार केंद्र की सुरक्षा की पोल खुल गई है। वहीं पूरा मामला संदेहास्पद भी प्रतीत होता है। स्वाधार में किशोरियों व किशोर की देखरेख से लेकर उनके सुरक्षा के लिए महिला कर्मचारियों को रखा जाता है। ऐसे में जोया को चाबी का गुच्छा कहां और कैसे हाथ लगा।
किशोरी का है एक युवक से प्रेम-प्रसंग : जया
स्वाधार केंद्र की संचालिका जया पांडेय ने बताया कि 13 जुलाई को गाजियाबाद जिला बाल कल्याण समिति ने स्थानीय समिति के माध्यम से उसे स्वाधार भिजवाया था। बताया कि किशोरी किसी युवक के साथ घर से फरार हो गई थी और युवक उसे गाजियाबाद छोड़कर भाग गया था। तभी से किशोरी लगातार दबाव बनाकर युवक के पास जाने की जिद पर अड़ी थी और उसी प्रसंग के कारण किशोरी ने घातक कदम उठाया। स्वाधार की ओर से कोई भी प्रताड़ना या दबाव जोया को नहीं दिया गया।