भगमलपुर नगरा स्थित सुभावती देवी इंटर कालेज में सांसद और विधायक निधि से प्राप्त धनराशि के दुरुपयोग के मामले में उप्र सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ ने जिला विद्यालय निरीक्षक और तत्कालीन बीएसए समेत आठ लोगों पर मुकदमा चलाने का फैसला लिया है। इनमें छह परियोजना निदेशक (पीडी) भी शामिल हैं।
इसके लिए विजिलेंस के अनुसचिव यतींद्र कुमार ने उप्र को शासन को पत्र लिखा है। ऐसे में कुल आठ अधिकारी कानून के शिकंज में आ गए हैं। मामला वर्ष 2003 से 2011 तक का है।
जानकारी के अनुसार, सुभावती देवी इंटर कॉलेज भगमलपुर नगरा मेें सांसद निधि तथा विधायक निधि के लगभग 130 करोड़ रुपये घोटाले के आरोप में तत्कालीन बीएसए नाग सेन, जिला विद्यालय निरीक्षक राजेंद्र प्रताप सहित तत्कालीन परियोजना निदेशक लक्ष्मीकांत चौधरी, अर्जुन राम, राम आसरे सिंह, जय प्रकाश पांडेय, रामआधार कुशवाहा और प्रमोद कुमार यादव काफी दिनों से जांच के घेरे में थे।
इस मामले में शासन ने उच्च स्तरीय जांच बैठाते हुए उप्र सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ को जांच सौंपी थी। सूत्रों की माने तो इसमें विजिलेंस ने उपरोक्त सभी आरोपियों को दोषी पाया। ऐसे में उप्र सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ के अनु सचिव यतींद्र कुमार ने विगत छह जुलाई को शासन को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा। अब इन आठ अधिकारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना की जाएगी।