जनपद को खुले में शौच से पूरी तरह मुक्त करने के लिए अब स्कूली बच्चे अहम भूमिका निभाएंगे। प्रभारी डीएम आशीष श्रीवास्तव ने प्रत्येक स्कूल में बच्चों के निगरानी कमेटी बनाने और उन्हें निगरानी के लिए सीटियां उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।
विकास भवन सभागार में बृहस्पतिवार को स्वच्छ भारत मिशन के तहत बैठक हुई। जिसमें जिले में हो रहे शौचालय निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान प्रभारी डीएम ने कहा जिले के जो गांव ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) हो गए हैं उनका शीघ्र वेरिफिकेशन करें।
कहा कि ब्लॉक जसपुर में जिला समाज कल्याण अधिकारी, काशीपुर में जिला पूर्ति अधिकारी, बाजपुर में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, रुद्रपुर में जिला विकास अधिकारी, सितारगंज में डीपीआरओ, खटीमा में एआर सहकारिता ओडीएफ हो चुके गांवों में वेरीफिकेशन कराएंगे। उन्होंने कहा कि जो गांव पूर्ण रूप से स्वच्छ घोषित हो जाएंगे उन्हें अन्य स्वच्छता संबंधी कार्यों के लिये धनराशि दी जाएगी।
उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक, प्राथमिक को निर्देश दिए कि प्रत्येक स्कूल में बच्चों की निगरानी समिति का गठन किया जाए ताकि वे अपने गांवों में खुले में शौच जाने वाले व्यक्तियों की निगरानी करें। साथ ही सीटी बजाकर उन्हें खुले में शौच न करने के लिये जागरूक करें।
डीएम ने परियोजना प्रबंधक स्वजल को सीटियां खरीदकर स्कूल में गठित निगरानी समिति के बच्चों में बांटने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा वे प्रत्येक माह दो-दो गांवों में सुबह-शाम भ्रमण कर ओडीएफ हो चुके गांवों का निरीक्षण कर लोगों को शौचालय प्रयोग करने के लिये प्रेरित करें।
लोगों को शौचालय प्रयोग के लिये प्रेरित करने हेतु धर्मगुरुओं का भी सहयोग लें। बैठक में पीडी बालकृष्ण, डीडीओ आरसी तिवारी, एपीडी रमा गोस्वामी, परियोजना प्रबंधक स्वजल भीम सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी पीएन सिंह, डीसी सती, डीएसटीओ ललित चंद आर्य, जिला पूर्ति अधिकारी विपिन कुमार आदि थे।