फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जसपुर, काशीपुर तहसील के आठ और मामले संदिग्ध

Sun, 12 Nov 2017 12:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर
विज्ञापन
demo pic - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआईटी के सामने जसपुर और काशीपुर तहसील के करीब आठ और संदिग्ध मामले आए हैं। इनमें काश्तकारों की भूमि को 143 करने के लिए तत्कालीन अफसरों ने दस्तावेजों में फर्जी हस्ताक्षर किए हैं। एसआईटी इन दस्तावेजों के हस्ताक्षरों की जांच कर रही है।
विज्ञापन


बहुचर्चित भूमि मुआवजा घोटाले में एसआईटी को साक्ष्य मिले थे कि जसपुर और काशीपुर  तहसीलों में एनएच के लिए भूमि अधिग्रहण में तत्कालीन अफसरों ने काश्तकारों के साथ मिलकर जमीनों का पिछली तारीख में 143 कराया। पुष्टि के लिए एसआईटी ने दस्तावेजों में किए हस्ताक्षरों को जांच के लिए देहरादून फारेंसिक लैब में भेजा। जांच रिपोर्ट में हस्ताक्षर फर्जी पाए गए। मामले में एसआईटी ने दोनों तहसीलों से एक एसडीएम, दो तहसीलदार, एक संग्रह अमीन, एक अनुसेवक, सहित एक स्टांप वेंडर और दो काश्तकारों को गिरफ्तार कर जेल भेजा।

 दोनों तहसीलों के बचे हुए दस्तावेजों की जांच में अब एसआईटी के सामने करीब आठ और ऐसे मामले आये हैं जिनमें 143 के दस्तावेजों में अफसरों के हस्ताक्षर फर्जी होने का अंदेशा है। इसकी जांच के लिए जहां एसआईटी द्वारा कुछ लोगों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया गया है वहीं एसआईटी उक्त दस्तावेजों को जांच के लिए एफएसएल देहरादून भेजने की तैयारी भी कर रही है। इधर जेल भेजे गए एक काश्तकार का भाई फरार है। वहीं कमीशन के लालच में मुआवजे का रुपया अपने खाते में डलवाने वाले काशीपुर के कई लोग भी गिरफ्तारी से बचने के लिए भूमिगत हो गए हैं।
विज्ञापन


डीपी की गिरफ्तारी को देहरादून में दबिश
रुद्रपुर। एनएच 74 भूमि मुआवजा घोटाले के मुख्य आरोपी पूर्व एसएलओ डीपी सिंह की धरपकड़ के लिए एसआईटी केे जांच अधिकारी सीओ स्वतंत्र कुमार ने शनिवार को उसके राजपुर रोड स्थित फ्लैट के साथ ही आर्यनगर में रहने वाले उसके साले के घर पर दबिश दी। लेकिन वहां पर कोई नहीं मिला। सूत्रों के अनुसार डीपी दीपावली के बाद से अपने फ्लैट पर नहीं आया था। उसका साला भी पिछले दस दिनों से घर पर ताला लगाकर गायब है। फ्लैट से डीपी ने अपना सामान भी हटा लिया है। डीपी के लिए दी जा रही लगातार दबिश को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि अब एसआईटी जल्द ही उसके लिए कोर्ट से कुर्की का आदेश ले सकती है। एसआईटी पूर्व में कोर्ट से एनबीडब्ल्यू (गैर जमानती वारंट) भी ले चुकी है। इधर, काशीपुर के डाटा एंट्री आपरेटर अर्पण कुमार के लिए भी पुलिस लगातार दबिश दे रही है। अनुमान यह भी लगाया जा रहा है कि अपर्ण सोमवार को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें