फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चचेरे देवर ने एकतरफा प्यार में की थी सरिता की हत्या

Mon, 16 Oct 2017 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो  काशीपुर।
विज्ञापन
काशीपुर की मृतका का फाइल फोटो। - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
पुलिस ने ढाई साल से पहेली बने सरिता चौहान हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। सरिता के चचेरे देवर ने ही एकतरफा चाहत में सरिता की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या की थी और घटना को लूट का रूप दे दिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी ने खुलासा करने वाली टीम को 2500 और एएसपी ने 1500 रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। 
विज्ञापन


छह अप्रैल 2015 को आकांक्षा गार्डन के पास रहने वाले रजनीश चौहान की पत्नी सरिता का शव घर के गुसलखाने में खून से लथपथ मिला था। मृतका के पति ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। तब पुलिस ने सरिता हत्याकांड को खोलने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था। लेकिन पुलिस से यह हत्याकांड नहीं खुला। इस दौरान एएसपी, कोतवाल और सीओ के स्थानांतरण भी हो गए। इसके बाद एएसपी डॉ. जगदीश चंद, सीओ राजेश भट्ट और कोतवाल प्रशिक्षु आईपीएस रचिता जुयाल ने इस हत्याकांड में नए सिरे से जांच शुरू की। बताया जाता है कि तत्कालीन कोतवाल रचिता जुयाल के कार्यकाल में पुलिस इस हत्याकांड के खुलासे  के करीब पहुंच थी।

लेकिन कार्यकाल पूरा होने के कारण उनका तबादला हो गया। इसके बाद आए कोतवाल चंचल शर्मा ने सीओ राजेश भट्ट के निर्देशन में इस हत्याकांड की विवेचना को आगे बढ़ाया। रविवार को पुलिस ने सरिता के हत्यारोपी चचेरे देवर दर्पण कुमार निवासी सलेमसराय थाना धामपुर जिला बिजनौर यूपी को गिरफ्तार कर लिया। एएसपी डॉ. जगदीश चंद ने बताया कि आरोपी दर्पण सरिता से एकतरफा चाहत रखता था। दर्पण आरडी मेमोरियल डिग्री कॉलेज धामपुर में शिक्षक है। उसने बॉयोटेक्नोलॉजी में एमएससी किया है। टीम में कोतवाल चंचल शर्मा, एसएसआई वीरेंद्र रमौला, एसआई दिनेश फर्त्याल, जयपाल सिंह, पीडी जोशी, कांस्टेबल कुलदीप सिंह, देवेंद्र नेगी, दीवान सिंह, मनोज कोहली, कैलाश तोम्क्याल, रमेश कांडपाल, राजेंद्र रौतेला, अमरदीप, जगदीश सिंह, शंकर टम्टा आदि थे। 
विज्ञापन

  एक तरफा चाहत में गई सरिता की जान  काशीपुर। सरिता बेहद ही अंतरमुखी महिला थी। वह अपने रिश्तेदारों से भी ज्यादा बात नहीं करती थी। लेकिन रजनीश के चचेरे भाई दर्पण से उसकी अक्सर बात होती थी। इसी के चलते दर्पण को सरिता से प्यार हो गया। एएसपी डॉ. जगदीश चंद ने बताया कि चार अप्रैल 2015 को दर्पण रजनीश के घर आया। रात में रजनीश के ड्यूटी पर जाने के बाद दर्पण ने सरिता के कमरे में जाकर उससे शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की। जिस पर सरिता ने उसे कमरे से भगा दिया और कमरा बंद कर दिया। पांच अप्रैल की सुबह सरिता ने रजनीश से उसके चचेरे भाई को कहीं और कमरा दिलाने की बात भी कही थी।  
  ऐसे बनाई हत्या की योजना  काशीपुर। दर्पण को डर था कि कहीं सरिता अपने पति को चार अप्रैल का वाकया न बता दे इसी के चलते उसने उसकी हत्या का कुचक्र रचा। छह अप्रैल को दर्पण किसी फैक्ट्री में गया और अचानक घर लौटकर आया और सरिता की हत्या कर दी। इसके बाद दोबारा फैक्ट्री चला गया। घटना को दूसरा रूप देने के लिए उसने सामान इधर-उधर फेंक कर जेवर उठा लिए। सात अप्रैल को वह धामपुर चला गया। इस दौरान रास्ते में उसने खून से सने कपड़े, जैकेट, चाकू, बैग अफजलगढ़ के पास फेंक दिया। पुलिस ने लूटी गई चेन दर्पण के घर से बरामद कर ली है। 
  मां के हत्यारोपी को बच्चों ने पकड़ा काशीपुर। अपनी मां के हत्यारोपी को बच्चों ने पकड़वाने में पुलिस की सहायता की। रजनीश के बड़े बेटे ने चार अप्रैल की हुई घटना के बारे में पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने जब दर्पण को हिरासत में लिया तो कई बार दर्पण अपने बयान बदलता रहा। इस दौरान पुलिस ने उस फैक्ट्री में जहां दर्पण काम करता था वहां पता किया पुलिस को पता चला कि दर्पण उस फैक्ट्री में काम नहीं करता है। वह छह अप्रैल को फैक्ट्री में साक्षात्कार देने आया था। चूंकि साक्षात्कार देने आने वालों के जाने का कोई रिकार्ड नहीं रखा जाता लिहाजा इसका फायदा दर्पण ने उठाया। पुलिस ने सौ प्रश्न तैयार किए और बारी-बारी पुलिस अधिकारियों ने इन सौ प्रश्नों पर दर्पण से सवाल किए। जिसमें उसके उत्तर में भारी अंतर मिला। बच्चों के बयान और आरोपी के बयान में कुछ बातें स्पष्ट होने के बाद पुलिस ने दर्पण को गिरफ्तार कर लिया। 
  आरोपी को पुलिस रिमांड में लेगी  काशीपुर। एएसपी डॉ. जगदीश चंद ने बताया कि पुलिस आरोपी को कस्टडी रिमांड में लेगी। साथ ही आरोपी का डीएनए और मृतका के खून से सने कपड़े जांच को भेजेगी। इसके अलावा हत्या में प्रयुक्त किया गया चाकू, बैग भी बरामद करने का प्रयास करेगी। इधर मृतका के पति रजनीश ने ढाई साल बाद हत्या का खुलासा करने पर पुलिस का आभार व्यक्त किया है। रजनीश ने कहा कि ढाई साल बाद ही सही आखिरकार उसे न्याय मिला।          
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें