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प्रसूता की मौत पर भड़के लोगों ने डॉक्टरों को पीटा

Thu, 21 Feb 2019 11:28 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal अमर उजाला ब्यूरो 
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काशीपुर में घायल डॉ. मंतोष बनर्जी को ले जाती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव के चलते प्रसूता की हालत बिगड़ गई। आठ घंटे बाद भी महिला की हालत में सुधार न आने पर निजी अस्पताल के डॉक्टर ने उसे हायर सेंटर भेज दिया। परिजन महिला को मुरादाबाद के निजी अस्पताल में ले गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद गुस्साए परिजनों और रिश्तेदारों ने काशीपुर पहुंचकर निजी अस्पताल में हंगामा किया और प्रसूता की मौत के लिए डॉक्टरों को जिम्मेदार ठहराते हुए अस्पताल संचालक की केबिन में तोड़फोड़ की। वहीं, स्त्री रोग विशेषज्ञ समेत अन्य डॉक्टरों को पीट दिया। पुलिस ने किसी तरह स्थिति संभाली। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है।

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जनपद रामपुर थाना टांडा के ग्राम मेवला निवासी आशा चौधरी (28) पत्नी धीरेंद्र चौधरी को 19 फरवरी की रात करीब 11 बजे प्रसव के लिए रामनगर रोड स्थित एमपी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया था। रात करीब पौने दो बजे आशा ने एक बेटे को जन्म दिया। नॉर्मल डिलीवरी के बाद प्रसूता को निजी कक्ष में शिफ्ट कर दिया गया। कुछ देर बाद ही रक्तस्राव होने से प्रसूता की हालत बिगड़ने लगी। डॉक्टरों के कहने पर परिजनों ने पांच यूनिट ब्लड का प्रबंध किया। 

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने प्रसूता को सिर्फ एक यूनिट ब्लड चढ़ाया। इसके बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ने लगी। सुबह करीब 11 बजे चिकित्सकों ने उसे मुरादाबाद के लिए रेफर कर दिया। मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस पर परिजन आशा के शव को एंबुलेंस में रखकर एमपी मेमोरियल अस्पताल पहुंचे। सूचना पर काफी संख्या में मृतका आशा के रिश्तेदार और परिचित भी पहुंच गए। 
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उन्होंने अस्पताल प्रबंधक संतोष श्रीवास्तव और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मंतोष बनर्जी पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। कहा कि अस्पताल में निषचेतक विशेषज्ञ न होने के बाद भी प्रसव के लिए आशा को भर्ती कर लिया था। अस्पताल में ब्लड उपलब्ध नहीं था। परिजनों ने इंतजाम किया। इसके बाद भी प्रसूता को सिर्फ एक यूनिट से ब्लड चढ़ाया गया। उनका आरोप था कि प्रसव कराने वाले चिकित्सक ने शिशु की नाल काटने में लापरवाही बरती, जिससे आशा की तबीयत बिगड़ी गई। परिजनों के बार-बार अनुरोध के बाद भी प्रसूता को हायर सेंटर रेफर नहीं किया। तीखी बहस के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले में जांच का आश्वासन दिया। सूचना पर एसएसआई विनोद जोशी, उपनिरीक्षक दिनेश बल्लभ पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों को कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। इस पर परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए सहमत हो गए। 

पुलिस प्रसूता का शव कब्जे में ले ही रही थी कि इसी दौरान कुछ युवकों ने अस्पताल प्रबंधक की पैथोलॉजी लैब में तोड़फोड़ कर दी। उन्होंने स्त्री रोग विशेषज्ञ मंतोष बनर्जी पर शीशे से हमलाकर घायल कर दिया। मौके पर मौजूद पुलिस ने हमलावरों को खदेड़कर स्थिति पर काबू पाया। घायल चिकित्सक डॉ. बनर्जी को राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया है।

पैथोलॉजी लैब में तोड़फोड़ और हमले की तहरीर सौंपी 
पैथोलॉजी लैब में तोड़फोड़ करने और चिकित्सक पर जानलेवा हमला करने के आरोप में एमपी मेमोरियल अस्पताल के एमडी ने दो लोगों समेत अन्य के खिलाफ पुलिस को तहरीर सौंपी है। तहरीर में अस्पताल के एमडी डॉ. संतोष श्रीवास्तव ने कहा कि 20 फरवरी को उनके अस्पताल में आशा का प्रसव हुआ था। हालत गंभीर होने पर उसे रेफर किया था। बाद में उसकी मौत हो गई। शाम करीब छह बजे दो लोगों के नेतृत्व में कई लोग हाथों में सरिये आदि लेकर उनकी पैथोलॉजी लैब में घुसे। हमलावरों ने लैब के शीशे व कंप्यूटर आदि क्षतिग्रस्त कर दिए। इन लोगों ने स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मंतोष बनर्जी पर जानलेवा हमलाकर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। हमलावर लैब से सीसीटीवी की डीबीआर भी उखाड़ ले गए। तहरीर में 45 हजार रुपये लूटने का भी आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

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