करोड़ों के सोने के गबन के आरोपी पंतनगर सिडकुल की सेक्टर सात स्थित राजेश एक्सपोर्ट लिमिटेड के प्लांट हेड रमेश सती कुमार को सिडकुल चौकी पुलिस मुंबई के कांधीवली से गिरफ्तार करके रुद्रपुर ले आई है। आरोपी को हवाई जहाज से दिल्ली लाया गया और उसके बाद सड़क मार्ग से सिडकुल चौकी लाया गया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने मात्र सात किलो सोना गायब करने की बात कबूली है। उधर, कंपनी मालिक के मुताबिक 17 किलो सोना और दस किलो चांदी गायब हुआ है। आखिर बाकी सोना और चांदी कहां गया, पुलिस अब इसकी पड़ताल कर रही है। इस मामले में पुलिस ने कंपनी के आठ-दस कर्मचारियों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक आरोपी प्लांट हेड रमेश सती कुमार की दो पत्नियां हैं। एक को उसने छोड़ दिया है जबकि दूसरी पत्नी को मुंबई कांधीवली में रखा है। उसके दो बच्चे भी हैं। आरोपी को अपने किए पर अब काफी पछताया है।
सिडकुल पुलिस चौकी के हवालात में बंद आरोपी रमेश सती कुमार से जब पूछा गया तो उसने बताया कि वह 7 किलो सोना ही गायब कर पाया था, यह सोना भी उसने एक महीने के अंतराल में ठिकाने लगाया। कंपनी से वह हर रोज 200 से 250 ग्राम सोना गायब करता रहा और ठीक एक माह बाद जब उसके पास घर में करीब सात किलो सोना इकट्ठा हुआ तो वह रुद्रपुर से फरार होकर मुंबई चला गया।
वहां उसने क्रिकेट के सट्टे में मोटी रकम लगाई, इसमें वह चार करोड़ रुपये हार गया। इसके बाद से वह परेशान भी रहने लगा। एएसपी पंकज भट्ट ने बताया कि कंपनी का बाकी दस किलो सोना और दस किलो चांदी कहां गायब हुई, पुलिस इसकी जांच कर रही है। आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार करने वाली टीम में दरोगा कृष्ण कुमार, कांस्टेबल प्रमोद रोतेला, कांस्टेबल महेंद्र सिंह डंगवाल और कांस्टेबल रमेश पंत शामिल थे।
आरोपी को है कैंसर
सिडकुल में सोने को तराशने वाली राजेश एक्सपोर्ट लिमिटेड में करोड़ों रुपये के सोने का गबन का आरोपी रमेेश सती कुमार पिछले एक साल से गले के कैंसर की बीमारी से पीड़ित है। वह पिछले एक साल से गले के कैंसर की दवा का ले रहा है। लेकिन आरोपी ने जो सात किलो सोना गायब किया उसे अपनी बीमारी में लगाने बजाय क्रिकेट के सट्टे में लगा दिया। पुलिस के शिकंजे में आने के बाद आरोपी प्लांट हेड के हावभाव भी बदले-बदले नजर आ रहे हैं। उसने बताया कि पहले उसकी दो पत्नियां थी, एक को मुंबई में रखता था और दूसरी को रुद्रपुर के मेट्रोपोलिस सिटी में रखता था। उसने बताया कि हाल ही में उसने एक पत्नी को छोड़ दिया है।
अपने किए पर पछतावा है
पंतनगर सिडकुल चौकी के हवालात में बंद आरोपी को अब अपने किए पर पछतावा है। कभी पांच सितारा होटलों में अपने शौक पूरे करने वाले और एयर कंडीशन गाड़ियों में चलने वाले प्लांट हेड रमेश सती कुमार आज हवालात के अंधेरे में है। उसने बताया कि उसके दिमाग में धोखाधड़ी का विचार भी डेढ़ दो महीने पहले ही आया था। वह क्रिकेट के सट्टे के सौदागरों के नेटवर्क में आ चुका था और सट्टे के जरिए बड़ा आदमी बनने की सोच रहा था। लेकिन एक महीने में क्रिकेट के सट्टे में वह चार करोड़ रुपये हार गया।
डीआईजी ने भी की अधिकारियों से पूछताछ
सिडकुल में सोने को तराशने वाली राजेश एक्सपोर्ट लिमिटेड में करोड़ों रुपये के सोने का गबन के मामले में शुक्रवार को डीआईजी कुमाऊं पीएस सैलाल ने एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले से जानकारी ली। डीआईजी पीएस सैलाल ने बताया कि सिडकुल में जो भी सोने का काम करने वाली फैक्ट्रियां हैं उनकी भी पूरी जांच होनी चाहिए ताकि सुरक्षा की दृष्टि से इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों और कर्मचारियों सहित कंपनी के प्लांट हेड और प्रबंधन के सत्यापन पर भी जोर दिया।