एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में एसआईटी 12 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। अब एसआईटी को दो चकबंदी अधिकारियों के खिलाफ भी अभियोजन स्वीकृति मिल गई है। इसके अलावा सोमवार तक पीसीएस अफसर नगन्याल और अनिल शुक्ला के खिलाफ भी शासन से अभियोजन की मंजूरी मिलने की संभावना है। शासन से आदेश मिलने के बाद एसआईटी चारों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल करेगी।
भूमि मुआवजा घोटाले में जसपुर, काशीपुर और सितारगंज तहसील की जांच पूरी करने के बाद एसआईटी 18 आरोपियों को जेल भेज चुकी है। इसमें चार पीसीएस अधिकारियों के साथ ही कुछ तहसील कर्मी और काश्तकार भी शामिल हैं। जेल भेजे गए 12 आरोपियों के खिलाफ बीती तीन फरवरी को एसआईटी ने नैनीताल जिला कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था।
इधर, शनिवार को एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने बताया कि एसआईटी को चकबंदी अधिकारी अमर सिंह और सहायक चकबंदी अधिकारी गणेश प्रसाद निरंजन के खिलाफ चकबंदी आयुक्त लखनऊ (यूपी) से अभियोजन स्वीकृति मिल गई है। वर्तमान में दोनों डेपुटेशन पर तैनात थे। इसके अलावा निलंबित पीसीएस अधिकारी एनएस नगन्याल और अनिल कुमार शुक्ला के खिलाफ भी अभियोजन आदेश लेने के लिए एसआईटी ने प्रमुख सचिव कार्मिक कार्यालय में आवेदन किया है। सोमवार तक इनके खिलाफ भी अभियोजन आदेश मिलने की उम्मीद है। आदेश मिलने के बाद चारों आरोपियों के खिलाफ नैनीताल स्थित विशेष भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि किच्छा तहसील के दस्तावेजों का भी अध्ययन किया जा रहा है।