एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले के मुख्य आरोपी पूर्व एसएलओ डीपी सिंह की सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी खारिज होने के बाद एसआईटी ने गिरफ्तारी के लिए कोशिश और तेज कर दी है। एसआईटी कोर्ट से आरोपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट (एनबीडब्लू) लेने की तैयारी कर रही है। डीपी एसआईटी की टीमों को छका रहा है। कई संभावित जगहों पर दबिश देने के बावजूद उसका कोई सुराग अब तक नहीं लगा है।
एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले का मुख्य आरोपी 28 अक्तूबर को हाइकोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक के हटने के बाद से ही परिवार संग भूमिगत है। पुलिस की चार टीमें उसकी तलाश में लगातार दबिशें दे रही है। हाइकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट से करारा झटका लगने के बाद डीपी के बाद अब आत्मसमर्पण के अलावा दूसरा रास्ता नहीं बचा है। उसके विदेश में शरण लेने की आशंका के चलते एसआईटी पहले ही उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर भी जारी कर चुकी है। सूत्रों के अनुसार सोमवार तक अगर डीपी गिरफ्त में नहीं आता है तो एसआईटी कोर्ट में एनबीडब्लू के लिए आवेदन कर सकती है। इधर, डीपी की धरपकड़ के लिए चार टीमें देहरादून, दिल्ली के अलावा यूपी के विभिन्न शहरों में लगातार दबिशें दे रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि गिरफ्तारी से बचने के सारे विकल्प खत्म होने के बाद डीपी कभी भी आत्मसमर्पण कर सकता है।
दो एसडीएम पुलिस रडार पर, धरपकड़ को पुलिस टीम रवाना
रुद्रपुर। एनएच 74 भूमि मुआवजा घोटाले के मुख्य आरोपी डीपी सिंह की गिरफ्तारी का रास्ता साफ होने के बाद एसआईटी ने साक्ष्यों के आधार पर दो पीसीएस अफसरों की गिरफ्तारी को जाल बिछा दिया है। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार तत्कालीन अफसर की गिरफ्तारी के लिए एक टीम देहरादून रवाना की गई है। इसके साथ ही एसआईटी ने जसपुर और काशीपुर के कुछ तहसीलदारों को भी अपने रडार पर लिया है। उक्त लोगों की गिरफ्तारी के साथ ही करोड़ों की रकम का मुआवजा लेने वाले काश्तकारों की गिरफ्तारी भी शुरू होगी।
कंप्यूटर डाटा के साथ बाजपुर की पत्रावलियां की जब्त
रुद्रपुर। एनएच 74 भूमि मुआवजा घोटाले की जांच में जुटी एसआईटी ने शनिवार को डबल लॉक से बाजपुर और काशीपुर तहसील की पत्रावलियों को कब्जे में लेने के साथ ही काशीपुर तहसील में मौजूद कंप्यूटर डाटा को भी अपने कब्जे में लिया है। माना जा रहा है कि कंप्यूटर डाटा को खंगालने के बाद एसआइटी को मिले साक्ष्य काफी हद तक पुख्ता हो सकते हैं।