गुलरभोज में प्लास्टिक के चावल दिखाता ग्रामीण
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काशीपुर और खटीमा के बाद अब गूलरभोज में भी प्लास्टिक का चावल पहुंच गया है। सेंचुरी पेपर मिल कर्मी ने घर में पके चावल को खाने में स्वाद न आने पर उसकी गेंद बनाकर जमीन पर फेंकी तो वह प्लास्टिक की गेंद की तरह उछलने लगी। खाद्य विभाग के अधिकारी शिकायत मिलने पर नमूने लेने की बात कह रहे हैं।
गूलरभोज निवासी रामदास लालकुआं की सेंचुरी पेपर मिल में स्थायी कर्मचारी है। उसके परिजन बाजार के एक दुकानदार से चावल खरीदकर लाए। बुधवार दोपहर को रामदास चावल खाने बैठा तो उसे चावलों में स्वाद नहीं आया। शक होने पर उसने पके चावलों का गोला बनाया तो वह बिल्कुल प्लास्टिक की गेंद जैसी बन गई। उसने बताया कि उसने सुना था कि प्लास्टिक के चावलों की गेंद बनाकर जमीन पर पटको तो वह उछलती है।
उसने वैसा ही किया तो वह गेंद भी उछल रही थी। उसको इन चावलों के प्लास्टिक का होने का यकीन हो गया। प्लास्टिक के चावल देखकर लोग सकते में आ गए। इस संबंध में खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष सयाना ने बताया कि प्लास्टिक के चावल की शिकायत इससे पूर्व काशीपुर और खटीमा से भी आई थी। इसके नमूने भरकर लैब भेजे गए थे। जांच में वह सही निकले थे। यदि अब शिकायत आती है तो इसके नमूने भी भरकर जांच कराई जाएगी। फिलहाल उन्होंने दीपावली के बाद नमूने भरने की बात कही।