उकरौली और साधूनगर खनन क्षेत्र में माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। उकरौली नदी में प्रशासन द्वारा खनन रोकने के लिए लगाए गए पिलरों को माफियाओं ने जेसीबी से उखाड़ डाला और रात भर नदी में खनन किया। एसडीएम ने उकरौली खनन क्षेत्र पहुंचकर नदी का मुआयना किया और रास्ते पर दोबारा पिलर लगवाए। उन्होंने कहा कि पिलर उखाड़कर खनन करने वाले तीन माफियाओं के नाम प्रकाश में आए हैं। जिनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे।
शनिवार की रात उकरौली कैलाश नदी में खनन माफियाओं ने पिलर उखाड़कर धड़ल्ले से अवैध खनन किया। सुबह जब प्रशासन को इसकी भनक लगी तो एसडीएम अनिल शुक्ला व तहसीलदार आरसी गौतम ने उकरौली और साधूनगर गांव में नदी का मुआयना किया। साधूनगर में अवैध खनन तो होता नहीं मिला। लेकिन, उकरौली गांव में एसडीएम के मुआयने के दौरान अवैध खनन रोकने को लगाए गए पिलर उखड़े मिले। इन पिलरों को माफियाओं ने बालाजी एक्शन कंपनी के सामने लाकर फेंका था।
एसडीएम अनिल शुक्ला ने मय पुलिस बल के मौके पर पहुंचकर उखड़े पिलरों को दोबारा लगवाया। एसडीएम ने बताया कि पूछताछ करने पर ग्रामीणों ने बताया कि रात को जेसीबी से पिलर उखाड़े गए हैं। एसडीएम ने बताया कि अवैध खनन करने वाले माफियाओं को चिन्हित कर लिया गया है। तीन माफियाओं के नाम सामने आए हैं। जिन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे।
ओवरलोड डंपर पकड़ा
लालकुआं स्टोन क्रशर से रेता भरकर खटीमा जा रहे ओवरलोड डंपर (यूके04सीए-8802) को सिडकुल के पास एसडीएम अनिल शुक्ला ने रोक लिया और कब्जे में लेकर एसडीएम कार्यालय ले आए। उपजिलाधिकारी शुक्ला ने बताया कि ओवरलोड डंपर के खिलाफ खनन अधिनियम के तहत जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। ब्यूरो