मन में अगर ठान लो तो कोई भी काम कठिन नहीं होता, कुछ ऐसा ही आदर्श नगर के लोगों ने कर दिखाया है। जब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के पास सड़क की गुहार लगाकर आदर्श कॉलोनी वाले थक गए तो उन्होंने खुद ही सड़क बनाने का निर्णय लिया। 80 हजार रुपये का चंदा कर कालोनी वालों ने खुद ही सड़क बनानी शुरू कर दी।
मुरादाबाद रोड स्थित आकांक्षा गार्डन के आदर्श नगर में करीब 250 परिवार रहते हैं। हर बार चुनाव का दौर आता है तो जनप्रतिनिधि जनता से बड़े-बड़े वायदे करते है। कुछ ऐसे ही वायदे इस कॉलोनी की जनता से विधायक ने किए, लेकिन जब वायदा पूरा करने का समय आया तो जनप्रतिनिधि सब कुछ भूल गए।
नतीजतन कालोनी निवासी सड़क बनाने के लिए कई बार इन जनप्रतिनिधियों के चक्कर लगा चुके हैं। लेकिन किसी ने भी कालोनी वासियों की सुध नहीं ली। बरसात का सीजन नजदीक होने पर हार थककर कालोनी वासियों ने खुद चंदा कर सड़क बनाने का जिम्मा उठाया। गली की करीब ढाई सौ मीटर सड़क खुद श्रमदान कर कालोनी वाले बना रहे हैं। सड़क बनाने में बड़े और महिलाएं तो काम कर ही रही हैं बच्चे भी उनकी मदद कर रहे हैं।
लोगों ने बताया कि सड़क बनाने के लिए अब तक चंदे से 80 हजार रुपये खर्च कर दिए हैं। अभी भी सड़क का कुछ काम रह गया है। उन्होंने बताया कि कालोनी के पास से गुजर रहे नाले के गंदे पानी से कालोनी में जलभराव हो जाता है। जिससे कालोनी में संक्रामक बीमारियों को खतरा बना रहता है। लोगों ने कहा कि यदि बरसात होने से पहले इन सड़कों को नहीं बनवाया गया तो आने वाले चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
पंकज कुमार कहते हैं कि विधायक से कई बार सड़क बनाने के लिए कह चुके हैं। लेकिन वह बजट नहीं होने की बात कहते हैं। हर साल की तरह इस साल भी बरसात सिर पर मंडरा रही है। जिससे बचने के लिए स्वयं चंदा एकत्र कर खड़ंजे की सड़क बना रहे हैं। लोकेश कुमार कहते हैं कि सड़क बनाने के लिए कई बार ठेकेदार और अधिकारी सड़क की नपाई कर ले गए। साथ ही विधायक से सड़क बनाने के लिए कई बार मिल चुके हैं। दोनों ने कहा कि बजट आने के बाद देखेंगें। कहीं से उम्मींद नहीं जगी तो खुद ही सड़क बनाने का जिम्मा उठाया। महेंद्र सिंह कहते हैं कि कई सालों से सड़क और नाली नहीं बनी होने से घरों का पानी रास्ते में भरता था। जिससे कीचड़ हो जाती थी। कई बार जनप्रतिनिधियों से मिले। लेकिन विधायक ने इस ओर ध्यान दिया।
राहुल कुमार कहते हैं कि हर साल बरसात में जलभराव हो जाता था। जिससे गंदे पानी में जहरीले सांप तक निकल आते थे। जिससे बच्चों और बड़ों का घर से निकलना दूभर हो जाता था। जनप्रतिनिधियों के कोरे आश्वासन देने के बाद इस बरसात से पहले खुद सड़क बना रहे हैं। जितेंद्र सिंह कहते हैं कि कालोनी में लंबा समय बीत गया लेकिन कोई जनप्रतिनिधि नहीं देखा। पूरी कालोनी में इंडिया मार्का के सरकारी हैंडपंप नहीं लगे है। घरों के आगे जलभराव की समस्या हो जाती थी। जिससे बचने के लिए खुद ही सड़क बना रहे हैं। जनप्रतिनिधियों ने कोई सहयोग नहीं किया है। बाबू सिंह कहते हैं कि कई साल बीत गए। हर साल बरसात में जलभराव हो जाता था। हर चुनाव में जनप्रतिनिधि वोट मांगने तो चले आते हैं। उस समय तो सड़क बनाने और साफ-सफाई व्यवस्था करने के वायदे करते हैं लेकिन उसके बाद इधर झांकने तक नहीं आते।
पिछले पांच साल में बीजेपी विधायकों के क्षेत्र में कांग्रेस सरकार ने कोई पैसा नहीं दिया। यहां खनन क्षेत्र है सभी सड़के टूटी हैं। किसी भी सड़क का निर्माण अभी तक नहीं कराया गया है। क्षेत्र में पांच साल में कोई काम नहीं हुआ है। सरकार मार्च में बनी है बजट अब पास हुआ है। सभी विभागों में बजट पहुंचना है। करीब एक डेढ़ महीने के बाद काम शुरू होगा।
-हरभजन सिंह चीमा, विधायक, काशीपुर