परिवार के एकलौते चिराग को लेकर बुने गए मां के ख्वाबों को बेटे ने ही तोड़ दिया। सहपाठी की निर्मम हत्या करने के बाद उसने अपनी भी जिंदगी खत्म कर डाली। बेटे के आत्मघाती कदम ने मां को भी तोड़ दिया।
गदरपुर के एक गांव में रहने वाली छात्रा की उसके सहपाठी ने निर्मम हत्या कर दी थी। इसके बाद हत्यारोपी ने भी जहर खा लिया था और रविवार सुबह नौ बजे सुशीला तिवारी चिकित्सालय हल्द्वानी में उसने भी दम तोड़ दिया। बेटे के गुस्सैल स्वभाव की वजह से मां पहले ही परेशान थी, उसकी तीन बेटियों की शादी हो चुकी है। परिवार का गुजर-बसर 15 एकड़ जमीन से होता है, जिसे मां ने ठेके पर दे रखा है।
एकलौता बेटा होने की वजह से वह लाडला तो था और साथ ही मां भी उससे अच्छा भविष्य की उम्मीद लगाए हुए थी, लेकिन बेटे के हत्या और आत्मघाती कदम ने मां को अंदर तक तोड़ दिया है। रविवार सुबह जब पुलिस हिरासत में बूढ़ी मां को बेटे की मौत की सूचना मिली तो वह फफक पड़ी। हालांकि शनिवार को बेटे की करतूत ने उसे पहले से ही झकझोर दिया था। उसने सपने में भी नहीं सोचा था कि बेटा ऐसा गलत कदम उठाएगा और ताउम्र उसे दर्द दे जाएगा। इधर पुलिस ने मृतका की मां को उसके रिश्तेदार की सुपुर्दगी में दे दिया। देर शाम मृतक छात्र का अंतिम संस्कार कर दिया गया।