खेत में टूटे पड़े बिजली के तार की चपेट में आकर महिला की मौत हो गई। चीख सुनकर मौके पर पहुंचे मृतका के पति और जेठ भी करंट से झुलस गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने ऊर्जा निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। अधिकारियों ने परिजनों को 80 हजार रुपये का चेक सौंपते हुए करीब तीन लाख रुपये की और आर्थिक सहायता दिलाने का भरोसा दिया।
पीरुमदारा निवासी भगवानदास का परिवार बाजपुर के गांव जोगीपुरा में एक फार्मर के लीची के बाग में काम करता है। मंगलवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे भगवानदास की पत्नी आशा (30) बगीचे में पानी लगाने गई थी। इस दौरान वह खेत में पड़ी 11 हजार केवी की बिजली लाइन की चपेट में आ गई। करंट से आशा की मौके पर ही मौत हो गई। चीख सुनकर पहुंचे भगवानदास और उसका भाई चुन्नीलाल भी करंट की चपेट में आकर झुलस गए।
लोगों ने ऊर्जा निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मौके पर हंगामा किया। इस दौरान वहां पहुंचे अधिकारियों को विरोध का सामना करना पड़ा। बाद में पुलिस और ग्रामीणों ने समझाबुझाकर मामला शांत किया। ईई वीके सक्सेना ने प्राथमिक सहायता के तौर पर परिजनों को 80 हजार रुपये का चेक दिया।
इसके अलावा उन्होंने करीब तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने का भरोसा दिया। मृतका के तीन पुत्रों में विक्की (13), तिलकराज (9) और हरिओम (7) हैं। ईई सक्सेना ने बिजली तार टूटने के मामले की जांच कराने की बात कही है।