एक माह पूर्व एक ग्रामीण की स्कूटी की डिग्गी से 50 हजार चोरी करने के मामले का खुलासा कर पुलिस ने 21,700 रुपये बरामद कर अंतरराज्यीय टप्पेबाज गैंग का खुलासा कर सरगना को गिरफ्तार किया है। गिरोह के सदस्य मुरादाबाद नगर निगम के पार्षद के संरक्षण में टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम देते थे। पुलिस ने उक्त पार्षद के खिलाफ भी धारा 120बी में मुकदमा दर्ज किया है। इसके अलावा मुरादाबाद पुलिस के कुछ कर्मचारियों के भी गिरोह के सदस्यों के साथ मिले होने की बात सामने आई है। ऐसे में यदि जांच गंभीरता से की गई तो कुछ खाकी वर्दी वाले भी नप सकते हैं।
कोतवाली में सोमवार को पत्रकार वार्ता कर सीओ राजेश कुमार ने बताया कि 16 अक्तूबर को ग्राम पूरनपुर निवासी प्रवीण सिंह ने बैंक ऑफ बड़ौदा से 50 हजार रुपये निकालकर स्कूटी की डिग्गी में रखकर मुख्य बाजार में खरीदारी कर रहे थे। बाद में डिग्गी खोली तो रुपये गायब थे। पुलिस ने बैंक से मुख्य बाजार तक लगे सभी सीसीटीवी की फुटेज चेक की तो पता लगा कि टप्पेबाजों ने रेकी कर मास्टर चाबी से स्कूटर की डिग्गी खोलकर रुपये चोरी किए हैं।
फुटेज से पता चला कि इस घटना को अरुण, विशाल, रोहित, संदीप, शशि कपूर निवासीगण भातू कॉलोनी मुरादाबाद ने दो बाइकों के साथ अंजाम दिया था। रविवार को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर मधुबनी पार्क, थाना सिविल लाइंस मुरादाबाद के पास से अरुण को गिरफ्तार कर लिया।
अरुण गिरोह का सरगना है। अरुण को दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड के आठ थानों की पुलिस काफी समय से तलाश कर रही थी। अरुण ने अपने गिरोह के साथ मिलकर मयूर विहार दिल्ली, रानीपुर हरिद्वार, स्वार रामपुर, नजीमाबाद, बाजपुर आदि थाना क्षेत्रों में लूट और टप्पेबाजी की वारदातों को अंजाम दिया था।
मुरादाबाद के पार्षद शिवराज पर संरक्षण का आरोप
जसपुर। मुरादाबाद नगर निगम का पार्षद शिवराज सिंह गुज्जर पर गैंग को संरक्षण देने का आरोप है। गैंग का टारगेट यूपी, दिल्ली, गुजरात, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, कर्नाटक आदि राज्य हैं। गिरफ्तार अरुण ने बताया कि भातुओं के कई गैंग हैं। इनमें 200 से 250 लोग शामिल हैं। महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात आदि राज्यों में ये सक्रिय हैं और इनके गैंग में शामिल क्षेत्र की युवतियां बार डांसर का कार्य करती हैं। युवक फैक्ट्रियों में काम करते हैं। इन राज्यों में ये लोग इन्हीं लड़कियों के पास रहकर वारदातों को अंजाम दिया करते हैं। वारदात के बाद नगर निगम मुरादाबाद के पार्षद शिवराज सिंह को पुलिस से बचने के लिए लूटी गई रकम का हिस्सा देते हैं। वह पुलिस से सेंटिंग कराकर मामले को रफा-दफा कर देता है।
वारदात से पहले रेकी करते थे टप्पेबाज
जसपुर। टप्पेबाजों की पहुंच यूपी पुलिस में इस कदर है कि 50 हजार रुपये डिग्गी से निकालने, ग्रामीण की ओर से गिरोह की रेकी करने की फुटेज गिरोह के सरगना और अन्य आरोपियों के मोबाइलों में मौजूद हैं। सीओ राजेश कुमार ने बताया कि घटना की फुटेज और आरोपियों के कैमरे से लिए गए फोटो यूपी के आसपास के थानों की पुलिस को आरोपियों की पहचान के लिए यहां की पुलिस ने दिए थे। इसमें से किसी पुलिस कर्मी ने आरोपियों को वीडियो फुटेज और फोटो तक उपलब्ध कराए थे। तभी से गिरोह के सदस्य छिपते फिर रहे हैं।
गिरोह के सरगना अरुण ने बताया कि उसके गिरोह में उसके अलावा चार युवक और शामिल हैं। घटना को अंजाम देने के लिए एक युवक बैंक के अंदर रहकर यह पता लगाता रहता है कि किस व्यक्ति ने बैंक से कितनी रकम निकाली। बाकी लोग घटना को अंजाम देने के लिए उसके पीछे लग जाते हैं। वह बीते एक दशक से घटनाओं को अंजाम दे रहा है। सरगना अरुण अभी तक किसी भी मुकदमे में जेल नहीं गया है। इधर, जसपुर कोतवाल अबुल कलाम ने बताया कि गिरोह के अन्य फरार सदस्यों विशाल, रोहित और संदीप की तलाश की जा रही है। वहीं, गिरोह का एक सदस्य शशि कपूर मेरठ कोतवाली में लूट की घटना के मामले में बंद है।