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विधायक की मध्यस्थता के बावजूद वार्ता विफल 

Fri, 12 May 2017 12:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर
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नवीन दुम्‍का - फोटो : अमर उजाला
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ग्रेडिंग बढ़ाने सहित अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे परफेटी वेनमेले इंडिया कंपनी के 400 श्रमिकों का आंदोलन पांचवें दिन भी जारी रहा। बृहस्पतिवार को लालकुआं विधायक नवीन दुम्का की मध्यस्थता में कंपनी के ठेकेदारों ने श्रमिकों से वार्ता की लेकिन वार्ता विफल रही।
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 श्रमिकों का कहना है कंपनी प्रबंधन और ठेकेदार उनका शोषण कर रहे हैं। इनके खिलाफ उनका आंदोलन जारी रहेगा। 
सिडकुल स्थित परफेटी कंपनी के 400 श्रमिक वेतन ग्रेड बढ़ाने, ओवरटाइम का भुगतान करने के साथ ही उन्हें साप्ताहिक अवकाश देने की मांग को लेकर रविवार रात से धरने पर बैठे हैं। 

श्रमिकों का कहना है कि कंपनी में उन्हें काम दिलाने वाले ठेकेदार और कंपनी प्रबंधन उनका शोषण करते हुए उनकी जायज मांगों को पूरा नहीं कर रहे हैं। इसके चलते उन्हें आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को लालकुआं विधायक दुम्का श्रमिकों के आंदोलन के संबंध में ठेकेदारों से वार्ता करने धरनास्थल पर पहुंचे, जहां ठेकेदारों ने पहले विधायक के सामने श्रमिकों से तीन माह का समय मांगा।
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इस पर विधायक दुम्का ने ठेकेदारों से इस अवधि में श्रमिकों संग बात कर समस्या सुलझाने को कहा लेकिन श्रमिकों का कहना है कि धरनास्थल से विधायक के जाने के बाद ठेकेदार श्रमिकों से आठ महीने का समय मांगने लगे, जिसका श्रमिकों ने विरोध किया तो ठेकेदारों ने कह दिया कि जो श्रमिक आठ माह का समय देकर काम पर आना चाहते हैं, उनको कंपनी नियुक्ति देगी और दूसरों के लिए उनके पास कोई समाधान नहीं है। 

चार दिन के आंदोलन के बावजूद कंपनी प्रबंधन की अनदेखी से भी श्रमिकों में असंतोष है। इसलिए श्रमिकों ने मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। इस दौरान एएलसी उम्मेद सिंह, ठेकेदार पंकज कपूर, रमेश यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा सुरेश परिहार, श्रमिक सोबन सिंह, रिंकू सिंह, गोपाल सिंह, प्रदीप शर्मा, पंकज डालाकोटी आदि थे।

700 रुपये की दिहाड़ी पर लाए जा रहे हैं श्रमिक
आंदोलनरत परफेटी कंपनी के श्रमिकों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन उन्हें ठेकेदारी प्रथा के तहत काम करवाना चाहता है न कि उनकी जायज मांगों को पूरा करने की मंशा रखता है। इसी कारण कंपनी प्रबंधन उनकी मांगों पर गौर करने की बजाय बाहर से 700 रुपये दिहाड़ी पर 50 नये श्रमिकों को कंपनी में काम दे रहा है। यदि ठेकेदार कंपनी में 400 श्रमिक दिला देते हैं तो कंपनी प्रबंधन उन्हें कभी काम पर नहीं लेगा।

समर्थन देने वालों की लगा रहे नो एंट्री
 सिडकुल स्थित परफेटी कंपनी के आंदोलनरत श्रमिकों का कहना है कि कंपनी में कार्यरत स्थायी कर्मचारियों द्वारा उन्हें समर्थन देने पर कंपनी प्रबंधन उनकी भी नो एंट्री लगा रहा है। बृहस्पतिवार को विधायक नवीन दुम्का के सामने भी श्रमिकों ने एक स्थायी कर्मचारी की नो एंट्री लगाने का उदाहरण दिया लेकिन वहां मौजूद ठेकेदारों ने श्रमिकों के आरोप को खारिज कर दिया।
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