सगीर हत्याकांड में पुलिस ने जो खुलासा आरोपियों के पकड़े जाने के बाद किया है, अमर उजाला ने हत्या वाले दिन ही वह खुलासा कर दिया था कि भाई की हत्या का बदला लेने के लिए सगीर की हत्या की गई है। बहरहाल पुलिस टीम ने दिनदहाड़े सरेआम सगीर की हत्या करने वाले चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पुष्टि की कि नईम बाबा ने अपने भाई की हत्या का बदला लेने के लिए सगीर की गोलियों से भून कर हत्या की है। एसएसपी ने पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
बुधवार को मुखबिर ने कोतवाल वीके जेठा को बताया कि रामनगर मार्ग स्थित केलामोड़ के पास एक कार खड़ी है। उसमें चार संदिग्ध लोग बैठे हैं। सूचना पाते ही पुलिस टीम ने कार की घेराबंदी कर उसमें बैठे चार लोगों को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से 315 बोर के तीन तमंचे सहित कई जिंदा कारतूस बरामद हुए। पकड़े गए लोगों ने अपना नाम नईम बाबा, नाजिम, यूसुफ निवासी महेशपुरा और जुनेद निवासी अल्ली खां मोहल्ला बताया। यह चारों 6 सितंबर को महेशपुरा में दिनदहाड़े सगीर पुत्र कलुवा की हत्या में नामजद थे। देर शाम हत्याकांड के खुलासे को कोतवाली में बुलाई गई पत्रकार वार्ता में एसएसपी नीलेश आनंद भरणे ने कहा कि छह सितंबर की शाम महेशपुरा स्थित एक आटा चक्की के सामने सगीर पुत्र कलुवा की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। मृतक के पिता कलुवा ने नईम बाबा, नाजिम, यूनुस, जुनैद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एएसपी कमलेश उपाध्याय ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए कोतवाल वीके जेठा के नेतृत्व में एक टीम गठित की। टीम ने बुधवार को बदमाशों को दबोच लिया। एसएसपी ने बताया कि सगीर पर वर्ष 2011 में नईम बाबा के भाई आरिफ की हत्या का आरोप था। सात महीने पहले अदालत से सगीर को दोष मुक्त कर दिया गया था। तभी से नईम बाबा उसकी हत्या की साजिश में लग गया। मौका पाते ही उसने अपने साथियों के साथ 6 सितंबर को सगीर की हत्या कर भाई के खून का बदला ले लिया। पुलिस टीम मेें कोतवाल वीके जेठा, एसएसआई अरुण कुमार, उप निरीक्षक मनोहर सिंह दसौनी, प्रहलाद सिंह, कांस्टेबिल अवधेश कुमार, दीवान सिंह, सिराज अहमद, प्रताप रावत शामिल थे।