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शिवरतन का हत्यारा गिरफ्तार

Wed, 08 Mar 2017 12:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
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थाना ट्रांजिट कैंप की राजा कॉलोनी में सोमवार रात हुए खूनी संघर्ष में मरे शिवरतन पुत्र किशन लाल के हत्यारे प्रवेश गंगवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर उसके खिलाफ 302 का मुकदमा दर्ज कर लिया है। जबकि मृतक के भाईयों को घायल कर फरार होने वाले पांच लोग अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस ने मृतक के भाई की तहरीर के आधार पर फरार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी धरपकड़ तेज कर दी है। हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर क्षेत्रीय लोगों के साथ धरने पर बैठे विधायक राजकुमार ठुकराल ने पुलिस को 24 घंटे का समय दिया है।
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सोमवार रात बाइक से कीचड़ उछलने को लेकर राजा कॉलोनी निवासी प्रवेश गंगवार, अशोक, अरविंद, राजू कश्यप, प्रमोद राठौर और प्रदीप पांडे का क्षेत्र के ही शिवरतन उसके भाई ओमप्रकाश, तेजपाल और दिनेश के साथ मारपीट हो गई थी। इसी दौरान प्रवेश ने शिवरतन के पेट में चाकू मारकर उसे मौत के घाट उतार दिया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी प्रवेश को गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन प्रवेश के साथी अशोक, अरविंद, राजू, प्रमोद और प्रदीप मौके से फरार हो गए। मंगलवार को मृतक के परिजनों ने विधायक राजकुमार ठुकराल के साथ एसएसपी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठकर हमलावरों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। इस पर पुलिस ने उन्हें 24 घंटे के भीतर हमलावरों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। 

फिलहाल पुलिस ने पकड़े गए हत्यारे प्रवेश गंगवार और फरार अशोक, अरविंद, राजू, प्रमोद के खिलाफ धारा 302 के तहत और प्रदीप पांडे के खिलाफ धारा 307 का मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले को लेकर एसएसपी सेंथिल अबुदई का कहना है कि पुलिस ने फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए रामपुर और बिलासपुर सहित अन्य क्षेत्रों में दबिश देनी शुरू कर दी है। जल्द ही आरोपी पुलिस की पकड़ में होंगे।
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प्रवेश का है आपराधिक इतिहास
ट्रांजिट कैंप की राजा कॉलोनी में शिवरतन की हत्या को अंजाम देने वाले प्रवेश का पुराना आपराधिक इतिहास भी है। चोरी, डकैती और छेड़छाड़ के मामलों में जहां प्रवेश के ऊपर ट्रांजिट कैंप थाने में पांच मुकदमे पंजीकृत हैं, वहीं बरेली के नवाबगंज थाने में उस पर मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रवेश के आपराधिक इतिहास को देखते हुए चुनावों के दौरान पुलिस ने उसके खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई करने की संस्तुति डीएम को भेजी थी। लेकिन उसमें मंजूरी अभी तक नहीं हो पाई है। इसके साथ ही प्रवेश के पिता अशोक गंगवार के खिलाफ भी पुलिस ने 110 जी के तहत कार्रवाई करने की संस्तुति डीएम कार्यालय भेजी है। 

पुलिस न आती तो जा सकती थी प्रवेश की जान
ट्रांजिट कैंप में हुए खूनी संघर्ष के दौरान अगर पुलिस के सिपाही दिनेश पपोला ने हत्यारोपी प्रवेश को नहीं बचाया होता तो शिवरतन की हत्या से गुस्साएं लोग शायद प्रवेश की भी जान ले लेती। प्रवेश द्वारा शिवरतन को चाकू मारने के बाद एसओ सुशील कुमार उसे अपनी सरकारी जीप में डालकर अस्पताल ले जाने लगे तो उसी दौरान मौके से भाग रहे प्रवेश को लोगों ने घेर कर उसे मारना शुरू कर दिया। इसी दौरान ट्रांजिट कैंप थाने के सिपाही दिनेश पपोला की नजर प्रवेश पर पड़ी और वह प्रवेश को हिरासत में लेने के लिए लोगों के बीच चला गया और बीच-बचाव में उसे भी चोट लग गई, लेकिन उसने प्रवेश को हिरासत में लेकर उसकी जान बचा ली और सूचना पर पहुंचे अन्य पुलिस कर्मियों की मदद से उसे चौकी लेकर आ गया।

शिवरतन की मौत पर भी हुई राजनीति 
राजा कॉलोनी में मारे गए शिवरतन की मौत पर भी कुछ सियासी लोग राजनीति खेलने से बाज नहीं आए। शिवरतन की मौत के कुछ देर बाद ही पुलिस ने हत्यारे प्रवेश को गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन शिवरतन की मौत पर राजनीति कर रहे कुछ लोगों की वजह से पुलिस को आगे की कार्रवाई करने के लिए 16 घंटे का इंतजार करना पड़ा। शिवरतन की हत्या के बाद उसके परिजन पुलिस से हत्यारों की गिरफ्तारी करने की मांग तो करते रहे पर किसी ने भी पुलिस को मामले की तहरीर नहीं सौंपी, मंगलवार को विधायक ठुकराल के नेतृत्व में दर्जनों लोग एसएसपी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ कर आरोपी को फांसी देने की मांग करने लगे। तहरीर देने को कोई भी तैयार नहीं हुआ, मौके पर पहुंचे एसडीएम पंकज उपाध्याय और एएसपी मंजूनाथ टीसी ने जब प्रदर्शनकारियों को कानून का पाठ पढ़ाया तो करीब 16 घंटे बाद पुलिस को मामले की तहरीर सौंपी गई। 

कैंप में कभी हो सकती है गैंगवार
ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र की राजा कॉलोनी में रह रहे लोगों के बीच कभी भी गैंगवार हो सकती है। यहां पर रहने वाले लोग राठौर और गंगवार गैंग में बंटे है और दोनों गुटों के बीच अपने वर्चस्व को लेकर आए दिन मारपीट होती है। सोमवार को हुए खूनी संघर्ष में भी जहां मृतक शिवरतन राठौर गुट का था। वहीं हत्यारा प्रवेश गंगवार गुट से संबंध रखता था और इसी गुटबाजी के चलते मृतक के भाई पूरन और प्रवेश के बीच कई बार विवाद के बाद लड़ाई हुई थी। जिसने सोमवार को खूनी संघर्ष का रुप ले लिया।
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