पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद फरार बदमाश मोनू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मोनू पर साढ़े सात हजार का इनाम घोषित था।
बीते 11 मार्च की देर रात्रि आईटीआई थाना क्षेत्र के ग्राम सरदारों वाला टांडा गांव में किच्छा पेट्रोल पंप लूट के आरोपी के छिपे होने की सूचना पर पुलिस ने दबिश दी। लेकिन बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एसआई प्रहलाद सिंह बिष्ट और हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार गोली लगने से घायल हो गए थे। साथ ही महिलाओं द्वारा किए गए पथराव में दो सिपाही भी घायल हो गए थे।
पुलिस ने घेराबंदी कर ग्राम फिरोजपुर, बरा (किच्छा) निवासी गुरबाज सिंह, ग्राम सिरौली तलैय्या (किच्छा) निवासी प्रताप मजूमदार के साथ ही रंदीप कौर और पिंकी उर्फ नीतू को गिरफ्तार किया था। लेकिन यूपी के ग्राम भुडिया कालोनी थाना बहेड़ी जिला बरेली निवासी मोनू उर्फ भूपेंद्र फरार हो गया था। डीआईजी (कुमाऊं) ने मोनू पर पांच हजार और एसएसपी ने ढाई हजार का इनाम घोषित किया था।
डीजीपी बीएस सिद्धू ने बीते दिनों रुद्रपुर में हुई क्राइम बैठक में आईटीआई एसओ को मोनू की गिरफ्तारी के बाद ही थाने में आने को कहा था। इसके बाद एसओ हरेंद्र चौधरी के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। बृहस्पतिवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बरखेड़ी चौराहे पर मोनू को 315 बोर के तमंचे और तीन जिंदा कारतूस समेत दबोच लिया। टीम में एसआई सुधाकर जोशी, कांस्टेबल खीम सिंह, कांस्टेबल संजय कुमार शामिल थे।