फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मंत्री पति पर फिर जमीनों की धोखाधड़ी की आंच

Thu, 16 Nov 2017 12:21 AM IST
चंदन बंगारी रुद्रपुर। 
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदेश की महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्या के पति किडनी प्रकरण में घिरे गिरधारी लाल साहू के खिलाफ जमीनों की धोखाधड़ी के मामले थम नहीं रहे हैं। चार लोगों ने एसएसपी और एक व्यक्ति ने किच्छा थाने में दस्तावेज के साथ शिकायती पत्र भेजकर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
विज्ञापन



ये लोग छह साल से लाखों रुपये चुकाकर खरीदे गए भूखंड की दाखिल खारिज और कब्जे को लेकर भटक रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने पुलिस के पास न्यास की आस में दस्तक दी है। मंत्री के पति का मामला होने की वजह से पुलिस पर दबाव साफ झलक रहा है। सत्ता बदलने से पहले गिरधारी की गिरफ्तारी के लिए तेजी दिखाने वली पुलिस अब मामला दर्ज करने में भी कतरा रही है। यही वजह है कि दो माह बीतने के बाद भी मामले जांच में ही अटके हुए हैं।


जानकारी के अनुसार वर्ष 2011 में ग्राम चुकटी किच्छा में करीब 13 एकड़ जमीन पर आवासीय कालोनी के नाम पर प्लाट काटकर बेचे गए थे। कालोनी में काटे गए प्लाटों को बेचा गया, लेकिन कई लोगों की प्लाट की दाखिल खारिज आज तक नहीं हो सकी है। जमीनों की धोखाधड़ी के मामले में गिरधारी और सहयोगियों के खिलाफ किच्छा थाने में छह मुकदमे दर्ज हुए थे। कांग्रेस सरकार में रेखा आर्या की बगावत के बाद पुलिस ने गिरधारी को पकड़ने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था, लेकिन सत्ता बदलने के बाद पुलिस की तेज कार्यप्रणाली भी धीमी हो गई है। जिस किच्छा थाने में गिरधारी के खिलाफ छह मुकदमे दर्ज हुए थे, वहां गिरधारी के खिलाफ शिकायती पत्र लाने वालों को टकरा दिया गया। मजबूरन लोगों को एसएसपी के पास शिकायती पत्र भेजने पड़े तो जांच शुरू हो सकी।
विज्ञापन



किच्छा कोतवाल योगेश उपाध्याय कहते हैं कि गिरधारी के खिलाफ दर्ज छह मुकदमों में से तीन पर चार्जशीट लग चुकी है। दो मुकदमों में फाइनल रिपोर्ट और एक मुकदमे की जांच चल रही है। उन्होंने गिरधारी के मामले में किसी प्रार्थना पत्र पर सुनवाई नहीं होने को गलत बताया।


केस नंबर एक
किच्छा की रेलवे कालोनी निवासी लक्ष्मी देवी ने शिकायती पत्र में कहा कि उसने गिरधारी लाल, उसके बेटे रिंकू और सतेंद्र राठौर निवासी नबादाजोगीयान बरेली यूपी से चुकटी में भूखंड खरीदा था। बीते 23 दिसंबर 2011 को भूखंड की रजिस्ट्री गिरधारी ने सहायक महेंद्र बिष्ट के माध्यम से कराई थी, लेकिन आज तक भूखंड पर कब्जा नहीं मिल सका है। छह साल में कईं बार गुजारिश के बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने बीते 21 सितंबर को भेजे पत्र में एसएसपी से मामले में रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है।

केस नंबर दो
किच्छा के नई सुनहरी वार्ड नंबर-6 निवासी अनीस ने बीते 9 सितंबर को भेजे शिकायती पत्र में कहा कि उसने गिरधारी लाल, उसके बेटे रिंकू और सतेंद्र राठौर निवासी नबादाजोगीयान बरेली (यूपी) से चुकटी गांव में खेत संख्या-71 में भूखंड संख्या-187 खरीदा था। इसकी रजिस्ट्री महेंद्र बिष्ट से 12 जुलाई 2011 को कराई थी, लेकिन छह साल से भूखंड की दाखिल खारिज कराने में टाल मटोली की जा रही है। मंत्री के पति का राजस्व विभाग में दखल होने की वजह से सुनवाई नहीं हो रही है।

केस नंबर तीन
रेलवे कालोनी किच्छा निवासी सुनीता देवी ने शिकायती पत्र में कहा कि उसने गिरधारी लाल, उसके बेटे रिंकू और सतेंद्र राठौर निवासी नबादाजोगीयान बरेली से चुकटी गांव में खेत नंबर-74 में भूखंड संख्या-355 खरीदा था। 10 अक्तूबर 2011 को गिरधारी के सहायक महेंद्र बिष्ट ने प्लाट की रजिस्ट्री की थी, लेकिन उनके नाम पर प्लाट की दाखिल खारिज आज तक नहीं हो सकी है। कईं बार कहने के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही है।

केस नंबर चार
ग्राम बडिंया किच्छा निवासी पूनम देवी ने शिकायती पत्र में कहा कि उसने गिरधारी, बेटे रिंकू और सतेंद्र राठौर से चुकटी गांव में खेत नंबर 71 में भूखंड संख्या 283 खरीदा था। 9 दिसंबर 2011 को रजिस्ट्री महेंद्र बिष्ट के माध्यम से कराई गई थी, लेकिन आज तक उनको भूखंड पर कब्जा नहीं मिल सका। छह साल से कब्जे को लेकर टालमटोली की जा रही है। उन्होंने धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है।

केस नंबर पांच
ग्राम प्रेमनगर देवरनिया बरेली निवासी तुलाराम ने किच्छा कोतवाली में भेजे शिकायती पत्र में कहा कि उसने खेत नंबर 70 में भूखंड संख्या 403 खरीदा था। इसकी रजिस्ट्री गिरधारी के सहयोगी महेंद्र बिष्ट ने किच्छा सब रजिस्ट्रार कार्यालय में 22 जुलाई 2011 को पंजीकृत कराई गई थी, लेकिन अब तक जमीन की दाखिल खारिज नहीं हो सकी है। वह दाखिल खारिज कराने के लिए भटक रहा है। उसने मामले में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।


गिरधारी लाल साहू और अन्य के खिलाफ मोहम्मद अनीस, पूनम देवी और लक्ष्मी देवी के जमीनों की धोखाधड़ी संबंधी शिकायती पत्रों की जांच एसआई नितिन बहुगुणा कर रहे हैं। सुनीता देवी के मामले की जांच एसआई अर्जुन सिंह कर रहे हैं। तुलाराम गंगवार का प्रार्थना पत्र उनके पास नहीं आया है। जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पर किसी तरह का दबाव नहीं है। पूर्व में छह मामले में से तीन में पुलिस कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
डॉ. सदानंद दाते, एसएसपी, ऊधमसिंहनगर

 मेरे खिलाफ साजिशन शिकायतें करवाई जा रही हैं। जिन जमीनों की खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी के आरोप उन पर लगाए जा रहे हैं, इनमें किसी चेक, बैनामे पर उनका नाम ही नहीं है। पूर्व में हरीश रावत सरकार ने उन पर द्वेषभावना से छह मुकदमे दर्ज कराए थे। तीन मुकदमे हाइकोर्ट ने रद्द कर दिए हैं। एक मुकदमे में फैसला हो चुुका है जबकि दो में पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगाई है। अगर उन पर धोखाधड़ी के आरोप साबित हुए तो वे हर सजा के लिए तैयार हैं।
विज्ञापन

-गिरधारी लाल साहू (महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री रेखा आर्या के पति)
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें