गदरपुर में रिश्वत लेते पकड़ा गया पटवारी।
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गदरपुर में रिपोर्ट लगाने की एवज में रिश्वत लेते पकड़े गए पटवारी सुशील जुनेजा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विजीलेंस ने बेनामी संपत्तियों की जानकारियों के बाद जांच शुरू कर दी है। सुशील के दो आवासों में की गई छापेमारी में उसके कुछ लॉकरों की जानकारी मिली है। इधर, विजिलेंस टीम ने आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। जिला प्रशासन की ओर से पटवारी के निलंबन की कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है।
गदरपुर में तैनात हल्का पटवारी सुशील जुनेजा ने ग्राम महतोष निवासी मोहम्मद आसिफ से एनएच की जद में आ रहे उसके आवास की रिपोर्ट लगाने की एवज में 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में सौदा 10 हजार में तय होने पर शनिवार को योजनाबद्ध तरीके से हल्द्वानी की विजिलेंस की टीम ने पटवारी को आसिफ से 10 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया था।
टीम ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का मुकदमा दर्ज किया था। इधर, सुशील की बेनामी संपत्तियों की जानकारी मिलने पर टीम ने उसके आवास विकास और ओमेक्स स्थित आवासों में छापेमारी की थी। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक छापेमारी में टीम को ज्यादा कुछ तो नहीं पर कुछ बैंक लॉकरों की जानकारी मिली है।
विजिलेंस सुशील की बेनामी संपत्तियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। अगर बेनामी संपत्ति पकड़ी गई तो सुशील की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इधर, सुशील के रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद जिला प्रशासन ने उसके खिलाफ निलंबन की कार्यवाही शुरू कर दी है। रविवार को आरोपी को नैनीताल की भ्रष्टाचार निवारण विशेष कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। इधर, इस संबंध में डीएम डॉ. नीरज खैरवाल से जानकारी लेनी चाही पर उनसे संपर्क नहीं हो सका।