एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने पूछताछ के लिए कुछ कालोनाइजरों को भी रडार पर लिया है। एसआईटी ने रुद्रपुर की एक कालोनाइजर से पूछताछ कर बयान दर्ज किए। इसके अलावा तीन काश्तकारों से भी पूछताछ की गई। वहीं डीपी के कोर्ट में आत्मसमर्पण की आशंका के मद्देनजर कोर्ट में पुलिस का पहरा रहा।
भूमि मुआवजा घोटाले की परत दर परत जांच कर रही एसआईटी ने अब काशीपुर और जसपुर तहसील के बाद किच्छा तहसील में हुए घोटाले की जांच भी शुरु कर दी है। जांच की तह तक जाने के लिए एसआईटी ने कुछ अफसरों और काश्तकारों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा है वहीं कुछ कालोनाइजर को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है।
सोमवार को एसआईटी के जांच प्रभारी सीओ स्वतंत्र कुमार ने पंचवटी प्रोजेक्ट की एमडी प्रिया शर्मा से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किये। पूछताछ की वीडियोग्राफी भी कराई गई। पूछताछ करीब 20 मिनट तक चली। इसके बाद जसपुर के तीन काश्तकारों से भी एसआईटी ने लंबी पूछताछ की। इधर, मुख्य आरोपी डीपी सिंह के भी बार-बार सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने से डीपी के दिल्ली में ही छुपे होने की आशंका भी जताई जा रही है। सोमवार को डीपी के रुद्रपुर कोर्ट में आत्मसमर्पण की सूचना पर पुलिस का खुफिया तंत्र भी दिन भर कोर्ट परिसर में चहलकदमी करता रहा, लेकिन देर शाम तक भी डीपी आत्मसर्मपण के लिए कोर्ट में नहीं पहुंचा।
जांच अधिकारी स्वतंत्र कुमार ने बताया कि पूर्व में की गई जांच में पता चला था कि काशीपुर के काश्तकारों को मिले मुआवजे में बिचौलियों द्वारा कमीशन की रकम को प्रिया की फर्म तक भी पहुंचाया गया। इसके आधार पर ही उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पूछताछ से मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।