अंडरग्राउंड हो चुकी द्रोण माइनर की पटरी पर अवैध कब्जा करने की होड़ मची है। आबादी वाले क्षेत्र में माइनर की एक तरफ की पटरी पर लोगों ने अपने 22 फुट तक कब्जा कर पक्का निर्माण कर लिया है। अब होश आए सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने 46 के खिलाफ नोटिस जारी किया है और 26 के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। विभाग अब अतिक्रमण हटाने की कार्यवाई में जुट गया है।
द्रोणसागर माइनर सैनिक कालोनी से शुरू होकर एसडीएम कार्यालय के पीछे, सेठी पेट्रोल पंप, एनएच रुद्रपुर मार्ग, सुभाष नगर से होकर शुगर मिल कालोनी से आगे जाती है। पांच साल पहले नगर क्षेत्र में सैनिक कालोनी से चीनी मिल कालोनी तक साढ़े तीन किलोमीटर तक माइनर में पाइप लाइन बिछाकर अंडरग्राउंड किया गया। माइनर के ऊपर पक्की सड़क बनाई गई। एक तरफ की पटरी पर पहले से ही सड़क थी, वह अभी सड़क के रूप में उपयोग हो रही, लेकिन पश्चिम की तरफ की पटरी खाली छोड़ दी, जिस पर लोगों ने कब्जा कर पक्का निर्माण कर लिया।
सिंचाई अधिकारियों ने बताया आबादी वाले क्षेत्र में लोगों ने अपने घरों के सामने माइनर की खाली लगभग पांच सेे 22 फुट चौड़ी पट्टी पर कब्जा कर पक्का निर्माण कर लिया है। कई दुमंजिले मकान तक बन गए हैं, जिसने निर्माण नहीं किया उसने दीवार खड़ी कर घेराबंदी कर ली है। सिंचाई विभाग ने नहर की पटरी की इस बची भूमि की सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की। पटरी पर लोगों को कब्जा करने से रोकने का भी प्रयास नहीं किया। जब पूरी पट्टी पर कब्जा हो गया, तब अधिकारियों को होश आया, जिससे विभाग में हड़कंप मचा है।
जिलेदार चंद्रशेखर कांडपाल ने बताया 46 लोगों को नोटिस जारी किया जा चुका है। 26 के खिलाफ मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। जल्द ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होगी।
राजस्व विभाग से सर्वे कराया जाएगा। फिर अवैध कब्जा खाली कराया जाएगा। सिंचाई विभाग की एक इंच भूमि पर भी किसी को कब्जा नहीं करने दिया जाएगा।
- विजेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड, काशीपुर