प्रेमी संग भागी शिमला पिस्तौर निवासी युवती की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। परिजनों ने बगैर पुलिस को सूचित किए ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस के मुताबिक जहां परिजन फंदे से लटककर आत्महत्या की बात कर रहे हैं। वही चर्चा है कि युवती की हत्या (आनर किलिंग) की गई है। फिलहाल पुलिस आनर किलिंग और आत्महत्या दोनों ही बिंदुओं पर जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक शिमला पिस्तौर निवासी दुलेश्वरी पत्नी लल्लन राजभर ने दर्ज रिपोर्ट में कहा था कि 12 मार्च की शाम उसकी पुत्री तारा (18) घर में ही थी। इस दौरान गांव के ही शमशेर इस्माइल व उसका साथी जबरन उसकी पुत्री को बहला फुसलाकर भगा ले गए। इसमें उनका साथ नन्हे तथा उसकी पत्नी और एक अन्य व्यक्ति इरशाद ने भी दिया। इस पर पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर युवती को पंजाब के लुधियाना बस स्टेशन से बरामद कर लिया था। साथ ही उसे भगाने का मुख्य आरोपी शमशेर इस्माइल को भी गिरफ्तार कर लिया था। जहां से उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में दोनों बालिग होने पर तारा को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया था। इधर बुधवार की दोपहर तारा की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि इसके बाद परिजनों ने बगैर पुलिस को सूचना दिए ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया। धीरे-धीरे तारा की मौत की चर्चा फैली तो सूचना पुलिस को भी मिल गई। इस पर कोतवाल जेसी पाठक, बगवाड़ा चौकी इंचार्ज मनीष खत्री पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक परिजन शव का अंतिम संस्कार कर चुके थे। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में परिजनों ने बताया कि दोपहर मेें घर में कोई नहीं था। सिर्फ तारा और उसकी मां दुलेश्वरी ही थी। इसी बीच उसने अपने कमरे का दरवाजा बंद कर दिया और फंदे से लटक गई। यह देख उसकी मां ने शोर मचाया तो आसपास के लोग भी एकत्र हो गए। उन्होंने दरवाजा तोड़कर उसे फंदे से नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इस पर उन्होंने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।