वन तस्करों के खिलाफ पुलिस, वन निगम और वन विभाग की टीम ने सर्च आपरेशन चलाया। ग्रामसभा बसगर के टिब्बी गांव में कई घरों और खेतों से सागौन के लट्ठों का जखीरा बरामद कर जब्त किया गया। सुरक्षा के लिए एक प्लाटून पीएसी के जवान भी साथ थे। अभियान के दौरान टीम में शामिल अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव बनाने का असफल प्रयास भी किया गया। बरामद लकड़ी की कीमत लाखों में आंकी जा रही है।
जंगल से सटे गांव टिब्बी और जगतारपुर के कुछ तस्करों द्वारा लकड़ी की भारी तस्करी की सूचना पुख्ता होने पर बुधवार को वन निगम ने पुलिस और वन विभाग के साथ मिलकर व्यापक सर्च अभियान चलाया। इस दौरान कई घरों से सागौन के लट्ठे बरामद हुए। गेहूं के खेतों में छुपा कर रखे सागौन के लट्ठों का जखीरा देख अभियान में शामिल अधिकारियों के आंखें फटी रह गईं। कार्रवाई के दौरान पूरे गांव में हड़कंप मचा रहा।
अभियान में शामिल अधिकारियों पर राजनीतिक दबाब बनाने का भी प्रयास किया गया। लेकिन, अधिकारियों ने किसी की नहीं सुनी। हल्द्वानी वन निगम के प्रभागीय वन विकास प्रबंधक एमसी जोशी ने कहा कि बरामद लट्ठों की कीमत लाखों में है। अभियान पूरा होने के बाद ही सही आंकलन किया जा सकेगा। उन्होंने अभियान के बाद चिन्हित तस्करों के खिलाफ विधिक कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
अभियान में सितारगंज के सीओ जेआर जोशी, कोतवाल डीआर आर्य, चौकी प्रभारी केजी मठपाल, डीएलएम टनकुपर आरके वशिष्ठ, डीएसएम टनकपुर महेश आर्य, वन क्षेत्राधिकारी महेंद्र सिंह रैकुनी आदि शामिल थे।उधर बाराकोली वन रेंज में वन निगम द्वारा सागौन के पेड़ों के कटान का काम जारी है। गत पांच मार्च को सागौन के लट्ठे चुराने गए वन तस्करों ने निगम कर्मियों और सुरक्षा में तैनात सिपाहियों पर हमला बोल दिया था। इससे सिपाही राजेश नाथ घायल हो गया था। राजेश की तहरीर पर पुलिस ने चार तस्करों के खिलाफ मामला पंजीकृत किया है।