नैनीताल हाइवे पर श्रमिकों को कुचलने के मामले में पुलिस ने अभियुक्त चालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अभियुक्त पेशे से प्रॉपर्टी डीलर है। पुलिस ने कार को भी कब्जे में ले लिया है। अभियुक्त का लाइसेंस भी निरस्त करने की संस्तुति आरटीओ को भेजी जाएगी। बता दें कि इस हादसे में दो श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि पांच गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सीओ सिटी ने बताया कि अभियुक्त का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति आरटीओ को भेजी जाएगी।
मंगलवार को सिडकुल चौकी में सीओ सिटी स्वतंत्र कुमार ने बताया कि सोमवार रात सिडकुल की फैक्ट्रियों में काम करने वाले कुछ श्रमिक नैनीताल हाइवे पर पारले चौक पर खड़े थे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने सात श्रमिकों को रौंद दिया था। हादसे में दो श्रमिकों की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे के बाद चालक कार लेकर फरार हो गया था। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के बाद चालक की खोजबीन के लिए क्षेत्र में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ ही हल्द्वानी और लालकुआं पुलिस को भी सतर्क किया गया था।
मंगलवार सुबह पुलिस से मुखबिर को सूचना मिली कि घटना को अंजाम देने वाला स्कार्पियो चालक अशोका लीलेंड कंपनी के पास खड़ा है और शहर छोड़कर भागने की फिराक में है। सूचना पर पहुंची सिडकुल चौकी पुलिस ने चालक कुलदीप सिंह निवासी छतरपुर थाना पंतनगर को गिरफ्तार कर लिया। कुलदीप के पास से हादसे में शामिल स्कार्पियो (यूके 06 एपी 1999) को भी बरामद की गई। प्रापर्टी खरीदने और बेचने का काम करने वाला कुलदीप सोमवार रात को सितारगंज में आयोजित एक विवाह समारोह में शामिल होकर घर लौट रहा था। पुलिस टीम में सिडकुल चौकी प्रभारी केजी मठपाल, कांस्टेबल प्रमोद रौतेला और किशोर फर्त्याल शामिल थे।
स्कार्पियो की टूटी हेडलाइट से पकड़ में आया कुलदीप
कुलदीप अपनी कार की टूटी हेडलाइट से पकड़ में आ गया। घटना के समय कुलदीप की कार का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से हेडलाइट टूट गई थी। अगले हिस्से का बायां टायर भी फट गया था। छानबीन में लगी पुलिस को अशोका लीलेंड के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में एक कार दिखी थी। इसकी हेडलाइट का फोकस तिरछा था। मुखबिर की सूचना और कार का नंबर तस्दीक कर पुलिस कुलदीप तक पहुंच गई।
रात भर छुपा रहा दूसरे गांव में
रुद्रपुर। पारले चौक पर हादसे को अंजाम देने वाला कुलदीप पुलिस की पकड़ से बचने के लिए छतरपुर रोड की तरफ भागा था। लेकिन, वह अपने घर नहीं गया था। कुलदीप ने कार को दूसरे गांव में स्थित एक फार्म हाउस में छिपाया और खुद भी रात उसी गांव में छिपा रहा। कुलदीप की तलाश में जुटी पुलिस को छतरपुर रोड पर कार के कुछ पार्ट्स के रूप में महत्वपूर्ण सुराग भी मिले हैं।
रुद्रपुर से लालकुआं तक की कार की रेकी
रुद्रपुर। आरोपी कुलदीप को पकड़ने के लिए पुलिस को घटना के बाद सफेद रंग की स्कार्पियो कार होने की जानकारी मिली तो पुलिस ने रुद्रपुर से लेकर लालकुआं तक स्कार्पियो कारों की रेकी कर डाली। इसके अलावा चेकिंग अभियान भी चलाया गया था। लेकिन, सीसीटीवी कैमरे में स्कार्पियो का नया मॉडल होने की बात सामने आई। जांच में पुलिस को कार के छतरपुर की होने के साक्ष्य मिले। इसके बाद पुलिस ने जांच को छतरपुर पर अपना फोकस कर दिया और आखिर कुलदीप पकड़ा गया।