गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के सहायक कुलसचिव अजीत कुमार सक्सेना ने बुधवार को घर में फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली। उन्होंने सुसाइड नोट में वरिष्ठ महिला अधिकारी पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। सक्सेना 31 दिसंबर 2018 को सेवानिवृत्त होने वाले थे।
मूलरूप से बरेली के कोहाड़ापीर मोहल्ला निवासी अजीत कुमार सक्सेना पंत विश्वविद्यालय में सहायक कुलसचिव पद पर कार्यरत थे। उनकी पत्नी साधना विश्वविद्यालय के बालनिलयम शिशु विद्यालय में संविदा पर शिक्षिका हैैं। साधना ने बताया कि उनके पति रोज कार से उन्हें स्कूल छोड़ने के बाद अपने कार्यालय जाते थे। बुधवार को उन्होंने पत्नी को अकेले जाने के लिए कहा। दोपहर बाद जब वह विश्वेसरैया इन्कलेव स्थित अपने आवास संख्या 1806 पर पहुंची तो पति को छत में लगे पाइप से फंदे पर लटके हुए देखा। उन्होंने तुरंत पड़ोसियों को सूचना दी। लोगों ने अजीत को नीचे उतारा, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए रुद्रपुर भेज दिया है। पंतनगर पुलिस ने उपकुलसचिव के आवास पर पहुंचकर उनसे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी सहायक कुलसचिव सक्सेना से कभी किसी किस्म की तकरार नहीं हुई।
अजीत कुमार के सहयोगियों ने बताया कि अजीत विभागीय कार्यों के बोझ के चलते अक्सर अवसाद में चले जाते थे। पिछले दिनों एक महीने तक चिकित्सा अवकाश पर भी रहे थे। उनका बेटा पारस गुरुग्राम में प्रतिष्ठित कंपनी में कार्यरत है, जबकि पुत्रवधू चंडीगढ़ में एम फार्मा कर रही है। एक साल पूर्व ही उनके बेटे की शादी किच्छा के एक सम्मानित परिवार में हुई थी।
उप कुलसचिव पर लगाया आरोप
पुलिस को अजीत सक्सेना के आवास से फ्रिज के ऊपर रखा एक सुसाइड नोट मिला है। सुसाइड नोट में लिखा है कि वह अपनी पत्नी, बहू और बेटे से बहुत खुश हैं। उनकी वरिष्ठ अधिकारी उन्हें प्रताड़ित करती रहती हैं। उन्हीं के कारण वह आत्महत्या कर रहे हैं। उप निरीक्षक नरेश कोहली ने बताया कि जांच के बाद सुसाइड नोट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मृतक के परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। मौके से मिले सुसाइड नोट की जांच की जाएगी।
देवेंद्र पींचा, एसपी सिटी
मुझे सुसाइड नोट की कोई जानकारी नहीं है। यदि कोई अधिकारी अजीत को उत्पीड़ित कर रहा था तो उन्होंने यह बात मुझे या रजिस्ट्रार को बतानी चाहिए थी। समस्या सामने पर उसका समाधान होता। खुदकुशी किसी समस्या का समाधान नहीं है। मुझे इसका बहुत दु:ख है।
-डॉ. एके मिश्रा, कुलपति पंत विवि।