गंगापुर रोड स्थित सर्वेश्वरी कॉलोनी में महिला की हत्या के बाद की गई डकैती में घायल पंकज श्रीवास्तव के स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद बुधवार को पंकज ने पुलिस के पास मौजूद संदिग्धों की फोटो में से एक डकैत को पहचान लिया है। इससे पुलिस को डकैतों तक पहुंचने में अहम सुराग मिला है। माना जा रहा है कि एक दो दिन में पंकज अन्य डकैतों की पहचान भी पुलिस को बता सकता है।
22 मई की रात को पंकज श्रीवास्तव के घर पर डकैतों ने धावा बोलकर उनकी पत्नी अपर्णा की हत्या कर डकैती को अंजाम दिया था। छानबीन के लिए पुलिस ने छैमार गिरोह के करीब 250 लोगों को उठाकर पूछताछ की, इसमें से कुछ डकैतों के तार घटना से जुड़े होने के साक्ष्य भी पुलिस को मिले लेकिन किसी तरह की पहचान ना होने के कारण पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पा रही थी। डकैतों की पहचान के लिए पुलिस को घायल पंकज के ठीक होने का भी इंतजार था। इसके लिए पुलिस लगातार पंकज से पूछताछ कर उन्हें पकड़े गए संदिग्ध लोगों की फोटो दिखाकर डकैतों की शिनाख्त में जुटी थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार बुधवार को पंकज ने पुलिस द्वारा पकड़े गए संदिग्ध लोगों की फोटो देखकर एक की शिनाख्त कर ली है। जिससे पुलिस को वास्तविक डकैतों की पहचान करने का रास्त मिल गया है। माना जा रहा है कि स्वास्थ्य में और सुधार होने पर पंकज एक दो दिन में डकैती में शामिल अन्य लोगों की पहचान पुलिस को बता सकता है।
पुलिस के पास मौजूद 250 छैमारों की फोटो और डेटा
डकैती के खुलासे में जुटी पुलिस के पास करीब 250 छैमारों का डाटा और फोटो उपलब्ध है। जिसमें से कई छैमार पुरानी डकैती व अन्य आपराधिक वारदातों में शामिल है लेकिन डकैतों का कोई सीसीटीवी फुटेज या और निशानी उपलब्ध ना होने पर असली डकैत तक पहुंचने में पुलिस को उलझन हो रही है।
डकैती खोलने के साथ रोकना भी चुनौती
गंगापुर रोड पर हुई डकैती को खोलने के साथ ही पुलिस को अब लगातार हो रही आपराधिक वारदातों को रोकने की चिंता भी सताने लगी है। हल्द्वानी और रुद्रपुर में एक के बाद एक हुई आपराधिक वारदातों से जहां लोगों के मन में डर बैठा हुआ है वहीं पुलिस भी किसी भी बड़ी आपराधिक वारदात को रोकने के लिए अधिक चिंतित होकर काम कर रही है।