फर्जी एआरएम बनकर बस में सफर कर रहे एक शख्स को रोडवेज कर्मियों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पकड़ा गया आरोपी दो माह से खुद को एआरएम मुरादाबाद बताकर उत्तराखंड परिवहन की बसों में मुफ्त यात्रा कर रहा था।
मंगलवार को हल्द्वानी से रुद्रपुर आ रही उत्तराखंड परिवहन की सिटी बस संख्या यूके-04पीए/0217 में मोटाहल्दू निवासी भुवन भट्ट भी सवार था। उससे परिचालक ने टिकट लेने को कहा तो वह रौब दिखाने लगा। उसने खुद को मुरादाबाद डिपो का एआरएम बताते हुए परिचालक की क्लास लगा दी।
इस पर बस में सवार रुद्रपुर डिपो की स्टेशन इंचार्ज निशा सक्सेना ने उससे पद के बारे में जानकारी मांगते हुए परिचय पत्र दिखाने को कहा तो वह सकपका गया। इसके बाद उसके फर्जी एआरएम होने का खुलासा हुआ। बस जब रुद्रपुर पहुंची तो निशा ने स्टाफ की मदद से उसे दबोच लिया और कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। इस दौरान उससे पूछताछ में पता चला कि वह दो माह से फर्जी एआरएम बनकर उत्तराखंड डिपो की बसों में मुफ्त यात्रा कर रहा था।
हैरानी की बात यह है कि दो माह में किसी भी परिचालक ने उसके फर्जी होने पर शक नहीं किया। सोमवार को उसके पकड़ में आने के बाद पुलिस हिरासत में वह गिड़गिड़ाने लगा। बाद में माफी मांगने और रोडवेज प्रबंधन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने की बात पर उसे छोड़ दिया गया।
पहले दिखाया रौब फिर पकड़ने लगा पैर
रोडवेज बस में पकड़ा गया फर्जी एआरएम खुद को सही साबित करने के लिए पहले बस में परिचालक और स्टेशन इंचार्ज से भिड़ गया। बाद में जब उसे कोतवाली लाकर उसके खिलाफ तहरीर लिखी जा रही थी तो उसने वहां भी रोडवेज कर्मियों और पुलिस को दबाव में लेने की कोशिश की।
अपने खिलाफ लिखी जा रही तहरीर को फाड़ने के लिए वह पुलिस के सामने ही धक्का मुक्की भी करने लगा। पुलिस जब सख्त हुई तो वह रोडवेज कर्मियों और पुलिस के पैर पकड़कर रोने और गिड़गिड़ाने लगा।